[00:00] सासी जल गई लगी, रो तड़पने लगी तु भी रुक सा गया, मैं भी धंसन कई छा रहा है ये केसा नशाल [00:14] आखों से तूने ये क्या कह दिया दिल ये दिवाना धड़कने लगा तनहाई में हम मिले इस तरह [00:26] मारिश में शोला भड़कने लगा तु तड़पने लगा मैं मचल ने लगी पूंद तन पेरी [00:39] जा मचल ने लगी चा रहा है जब सा नशा