[0:00] टाइटल, डिस्क्रिप्शन और टैग्स। इन तीन [0:02] चीजों के बारे में YouTube पे बहुत ज्यादा [0:04] मिस इनफेशन है। लोग बोलते हैं कि अगर आप [0:06] बस सही से एसइओ कर लोगे तो आपकी हर वीडियो [0:08] वायरल हो जाएगी। सच्चाई यह है कि कुछ [0:10] क्रिएटर्स को कीवर्ड्स भर के भी व्यूज [0:12] नहीं आते हैं। और वहीं दूसरी तरफ ऐसे [0:14] वीडियोस हैं जिनमें बिना किसी स्पेशल [0:16] कीवर्ड्स या टैग्स के भी करोड़ों में [0:18] व्यूज हैं। तो फिर क्वेश्चन है कि क्या [0:20] 2026 में टाइटल, डिस्क्रिप्शन एंड टैग्स [0:22] मैटर करते भी हैं या नहीं? और अगर करते [0:24] हैं तो इन्हें लिखने का सही तरीका क्या है [0:26] जिससे आप अपने व्यूज इनक्रीस कर सकते हो? [0:28] वेल आज के वीडियो में हम ये सब कुछ डिटेल [0:30] में डिस्कस करेंगे। सो फर्स्ट लेट्स [0:32] स्टार्ट बाय टॉकिंग अबाउट टाइटल्स। देखो [0:34] आपका टाइटल और थंबनेल आपके वीडियो का [0:36] फर्स्ट इंप्रेशन होता है। अगर थंबनेल [0:38] व्यूअर का अटेंशन ग्रैब कर भी ले तो भी [0:40] व्यूअर बिना टाइटल पढ़े वीडियो पे क्लिक [0:42] कभी नहीं करता। एंड दैट्स व्हाई आपके [0:44] टाइटल का सबसे पहला गोल होना चाहिए [0:46] क्लेरिटी। यानी उसे पढ़ते ही एक सेकंड में [0:48] समझ आ जाए कि वीडियो का टॉपिक क्या है। [0:50] बिगिनर्स को लगता है कि YouTube ने हमें [0:52] 100 कररेक्टर्स का लिमिट दिया है। तो वो [0:53] अननेसेसरी कीवर्ड्स डाल के अपना टाइटल [0:56] बहुत लंबा कर देते हैं विदाउट रियलाइजिंग [0:58] कि एक एवरेज YouTube टाइटल अराउंड 60 [1:00] कररेक्टर्स के बाद एंड से कट होने लगता [1:02] है। एंड दैट्स व्हाई बेस्ट प्रैक्टिस ये [1:04] है कि आप टाइटल्स को अंडर 60 कररेक्टर्स [1:06] रखो ताकि फर्स्ट क्लास में ही वीडियो का [1:08] टॉपिक समझ आ जाए। अगर टाइटल 60 कररेक्टर्स [1:10] से लंबा हो रहा है तो ट्राई करो कि जो [1:11] इंपॉर्टेंट वर्ड्स हैं उनको एटलीस्ट [1:13] स्टार्टिंग में रखो। फॉर एग्जांपल मेरे इस [1:15] वीडियो का टाइटल 65 कैरेक्टर्स का है। एंड [1:17] यू कैन सी कि यह एंड से कट हो जा रहा है। [1:19] बट स्टिल जो सबसेेंट फ्रेज़ है एटीजी [1:22] फेसलेस चैनल आइडियाज फॉर 2026 उसको मैंने [1:25] स्टार्टिंग में रखा है ताकि एटलीस्ट टाइटल [1:27] का कोर मैसेज क्लियरली समझ आ जाए। शॉर्ट [1:29] टाइटल्स लिखने का एक और रीज़न यह भी है कि [1:31] YouTube पे आपका वीडियो अकेला नहीं है। [1:33] हजारों और वीडियोस हैं जो आपके वीडियो के [1:35] साथ कमपीट कर रहे हैं व्यूअर का अटेंशन [1:37] पाने के लिए। एंड वी ऑल नो कि एक एवरेज [1:39] ह्यूमन का अटेंशन स्पैन कितना कम हो चुका [1:41] है। दिस मींस कि अगर आपके टाइटल को [1:43] प्रोसेस करने में व्यूअर को बहुत टाइम लग [1:45] रहा है तो व्यूअर के आइज इंस्टेंटली किसी [1:47] ऐसे टाइटल की तरफ चले जाएंगे जिसे प्रोसेस [1:49] करना इज़ियर है। फॉर एग्जांपल लुक एट दीज़ [1:51] टू टाइटल्स। इनमें से कौन से टाइटल ने [1:53] आपका अटेंशन जल्दी गैब किया। फॉर मोस्ट [1:55] पीपल द आंसर इज़ सेकंड वन। व्हाई? सिंपली [1:58] बिकॉज़ इसको पढ़ना आसान है। आपने एक और चीज [2:00] नोटिस किया होगा कि मेरे टाइटल्स में [2:02] हमेशा कुछ वर्ड्स ऐसे होते हैं जो ऑल [2:04] कैप्स यानी कैपिटल लेटर्स में लिखे होते [2:06] हैं। फॉर एग्जांपल एडिक्टिव, प्रो, वायरल, [2:09] बेस्ट। तो ये सब पावर वर्ड्स के [2:11] एग्जांपल्स हैं। यानी ऐसे वर्ड्स जो आपके [2:13] टाइटल को और भी ज्यादा अटेंशन, गैबिंग, [2:16] इमोशनल और क्लिकबल बनाता है। फॉर एग्जांपल [2:18] इन दोनों टाइटल्स को देखो। पहला टाइटल देख [2:20] के वीडियो का टॉपिक तो समझ आ रहा है बट यह [2:23] हमें क्लिक करने का कोई स्ट्रांग रीजन [2:25] नहीं दे रहा है। वहीं दूसरे टाइटल को [2:26] देखें तो इसमें सिर्फ एक एक्स्ट्रा पावर [2:28] वर्ड का यूज़ हुआ है जिससे पूरा वीडियो [2:30] इंस्टेंटली ज्यादा वैलएबल एंड क्लकेबल [2:33] लगने लगता है। नाउ डिपेंडिंग ऑन कि आपका [2:35] वीडियो किस टॉपिक पे है। आप इन चार [2:36] डिफरेंट कैटेगरीज के पावर वर्ड्स का यूज़ [2:38] कर सकते हो। अर्जेंसी पावर वर्ड्स ऑफ [2:40] कोर्स फीलिंग ऑफ़ अर्जेंसी क्रिएट करते [2:42] हैं। जैसे डू दिस, नाउ, स्टॉप, वेट, टुडे, [2:47] अथॉरिटी पावर वर्ड्स जैसे प्रो, एक्सपर्ट, [2:50] अल्टीमेट, मास्टर क्लास, बेस्ट। इनका यूज़ [2:52] तब करते हैं जब वीडियो को क्रेडिबल और [2:54] वैल्यूुएबल दिखाना होता है। क्यूरियोसिटी [2:56] पावर वर्ड्स जैसे सीक्रेट, हिडन, ट्रुथ, [2:59] एक्सपोज्ड। यह व्यूअर के माइंड में [3:01] क्यूरियोसिटी एंड यूज़ करते हैं। एंड [3:03] इमोशनल पावर वर्ड्स लाइक क्रेज़, स्केरी, [3:05] अनोइंग, होलसम। इनका यूज़ आप तब कर सकते हो [3:08] जब टाइटल में एक इमोशनल ट्रिगर ऐड करना [3:10] हो। इफ यू वांट आप इसका स्क्रीनशॉट ले [3:12] सकते हो। एक और बहुत जरूरी चीज है टाइटल, [3:15] थंबनेल, हार्मोनी। रिमेंबर कि व्यूअर्स [3:17] आपके टाइटल को कभी भी अकेले नहीं बल्कि एक [3:19] थंबनेल के साथ देखते हैं। दिस मींस कि ये [3:21] दोनों एलिमेंट्स को साथ में मिलकर एक [3:23] स्टोरी क्रिएट करना चाहिए व्यूअर्स के [3:24] माइंड में। तभी जाके ओवरऑल पैकेजिंग [3:26] इफेक्टिव होगी। इसे समझने के लिए आप मेरे [3:28] इस वीडियो का एग्जांपल ले सकते हो। टाइटल [3:30] है हाउ टू राइट परफेक्ट टाइटल, [3:32] डिस्क्रिप्शन, टैग्स फॉर मोर व्यूज। मुझे [3:34] पता है कि टाइटल डिस्क्रिप्शन एंड टैग्स [3:35] का नाम सुनते ही मैक्सिमम व्यूअर्स का [3:37] माइंड एसइओ की तरफ जाता है। सो मैंने [3:39] थंबनेल टेक्स्ट में लिख दिया है स्टॉप [3:41] डूइंग एसइओ जो कि एक स्ट्रांग [3:42] क्यूरियोसिटी क्रिएट करता है। बिकॉज़ [3:44] नॉर्मली व्यूअर्स एक्सपेक्ट करते हैं कि [3:46] इस तरह की वीडियो एसइओ सिखाएगी। बट थंबनेल [3:48] में उन्हें एक कंप्लीटली कंट्रास्टिंग [3:50] स्टेटमेंट दिख रहा है। एक और टाइटल का [3:52] एग्जांपल लेते हैं। नेवर डू दीज़ थिंग्स ऑन [3:54] YouTube। इसको पढ़ के यह तो पता चल रहा है [3:56] कि वीडियो में क्रिएटर हमें ऐसी चीजें [3:58] बताएगा जो हमें YouTube पे नहीं करना [4:00] चाहिए। बट स्टिल इसमें कोई इमोशन नहीं है। [4:02] एंड वी डोंट हैव अ स्ट्रांग इनफ रीज़न टू [4:04] क्लिक। बट जैसे ही आप इसका थंबनेल और [4:06] टाइटल एक साथ देखते हो तो इंस्टेंटली आपके [4:09] माइंड में एक इमोशन ऑफ फियर इंड्यूस करता [4:11] है। बिकॉज़ कोई भी क्रिएटर YouTube पे बैन [4:13] नहीं होना चाहता। सो कुछ इस तरह से आप [4:15] अपने टाइटल एंड थंबनेल के बीच हार्मोनी [4:17] क्रिएट कर सकते हो। जिससे आपकी ओवरऑल [4:19] पैकेजिंग 10 टाइम्स स्ट्रांग हो जाएगी एंड [4:21] यू विल गेट मोर क्लिक्स। आफ्टर राइटिंग [4:23] आवर टाइटल इट्स टाइम टू राइट द [4:25] डिस्क्रिप्शन। अगर हम डिस्क्रिप्शन बॉक्स [4:27] के अंदर इस क्वेश्चन मार्क पे क्लिक करें [4:28] तो YouTube हमसे क्लियरली कह रहा है [4:30] राइटिंग डिस्क्रिप्शंस विद कीवर्ड्स कैन [4:32] हेल्प यूर्स फाइंड योर वीडियोस मोर ईजीली [4:34] थ्रू सर्च व्हिच मींस कि हमें अपने वीडियो [4:36] का जो भी एसइओ करना है वो हम यहीं करेंगे। [4:39] तो इसको प्रैक्टिकली एक्सप्लेन करने के [4:41] लिए चलो मेरे इसी वीडियो का डिस्क्रिप्शन [4:42] लिखते हैं जो आप अभी देख रहे हो। YouTube [4:44] ने कहा है प्लेस कीवर्ड्स इन द बिगिनिंग [4:46] ऑफ द डिस्क्रिप्शन। तो ऑफ कोर्स सबसे पहले [4:48] हम अपने वीडियो का टॉपिक लिख देंगे जो कि [4:50] है हाउ टू राइट टाइटल, डिस्क्रिप्शन एंड [4:52] टैग्स। यह हो जाएगा हमारा मेन कीवर्ड। अब [4:54] आपको सोचना है कि और कौन से ऐसे कीवर्ड [4:56] फ्रेजेस हैं जिनके लिए आप YouTube पे रैंक [4:59] करना चाहते हो। फॉर एग्जांपल अगर मैं सर्च [5:01] बार में टाइप करूं टाइटल डिस्क्रिप्शन टैग [5:03] तो यू कैन सी YouTube मुझे और भी कीवर्ड [5:05] फ्रेजेस रिकमेंड कर देगा लाइक टाइटल [5:07] डिस्क्रिप्शन टैग कैसे लिखें, टाइटल [5:09] डिस्क्रिप्शन टैग कैसे लगाएं। तो [5:11] ऑब्वियसली मैं चाहता हूं कि जब लोग ये [5:12] कीवर्ड फ्रेजेस सर्च करें तो उनको मेरी [5:14] वीडियो सजेस्ट हो। सो मैं इनको भी अपने [5:16] डिस्क्रिप्शन में ऐड कर दूंगा। अगर मैं इस [5:18] सर्च टर्म के स्टार्टिंग में एक अंडरस्कोर [5:20] और स्पेस टाइप करूं तो यू विल सी कि यह और [5:23] भी कीवर्ड सजेस्ट कर रहा है। तो इनमें से [5:25] जो भी रेलेवेंट हैं उनको मैं ऐड कर सकता [5:27] हूं। फिर आई थिंक जिन लोगों को एसइओ के [5:29] बारे में जानना है वो सर्च करेंगे हाउ टू [5:31] डू एसइओ। यस हाउ टू डू एसइओ फॉर YouTube [5:35] वीडियोस। इसको ऐड कर देंगे। अच्छा सिर्फ [5:37] एसइओ सर्च करते हैं। तो एक कीवर्ड आ रहा [5:39] है एसइओ फॉर YouTube चैनल। सो, यह भी ऐड [5:42] कर देते हैं। एंड कुछ इस तरह से आपको अपने [5:44] मेन कीवर्ड से रिलेटेड पांच छह और कीवर्ड [5:47] फ्रेजेसेस फाइंड करने हैं। और उनको अपने [5:48] डिस्क्रिप्शन के स्टार्टिंग में लिख देना [5:50] है। ऑफ कोर्स दिस इज इनफ बट इफ यू वांट तो [5:52] आप वीडियो का एक ओवरव्यू भी दे सकते हो [5:54] जैसा कि YouTube बोलता है। व्हाट आई लाइक [5:56] टू डू इसके जो भी कीवर्ड्स बच जाते हैं [5:58] मैं उनके हेल्प से ओवरव्यू लिख देता हूं। [6:00] सो ऊपर ऊपर से लग रहा है कि मैंने बस [6:02] नॉर्मली वीडियो को एक्सप्लेन किया है। बट [6:04] ध्यान से देखोगे तो मैंने इसमें बहुत सारे [6:05] कीवर्ड्स हाइड कर दिए हैं जो कि सर्च [6:07] रैंकिंग में हेल्प करते हैं। इसके बाद हम [6:09] अपने वीडियो में टाइम स्टैंप्स ऐड कर सकते [6:11] हैं इफ वी वांट। एंड आल्सो अगर कोई [6:13] इंपॉर्टेंट लिंक है हमारे वीडियो से [6:14] रिलेटेड तो वो भी डाल देंगे। नाउ अभी तक [6:17] हमने जो भी लिखा है डिस्क्रिप्शन में वो [6:19] हर वीडियो के हिसाब से अलग होगा। बट देन [6:21] कुछ ऐसी चीजें भी होती हैं जो हर वीडियो [6:23] के डिस्क्रिप्शन में सेम रहती हैं। जैसे [6:25] सोशल मीडिया हैंडल्स और बिजनेस ईमेल। तो [6:27] इस पार्ट को डिफॉल्ट डिस्क्रिप्शन बोलते [6:29] हैं। अगर आप YouTube स्टूडियो के सेटिंग्स [6:31] में जाके अपलोड डिफॉल्ट सेक्शन पे क्लिक [6:33] करोगे तो आपको एक डिस्क्रिप्शन बॉक्स [6:35] मिलेगा। यहां आपको जो भी लिखना है लिख [6:37] सकते हो। एंड नेक्स्ट टाइम से जब भी आप [6:38] वीडियो अपलोड करोगे तो उसके डिस्क्रिप्शन [6:40] बॉक्स में यह सब कुछ ऑलरेडी लिखा रहेगा। [6:42] फाइनली लेट्स टॉक अबाउट टैग्स। एक ऐसा [6:45] फीचर जिसके अराउंड YouTube पे बहुत ज्यादा [6:47] कंफ्यूजन है। देयर आर अ लॉट ऑफ क्रिएटर्स [6:49] जो आज भी क्लेम करते हैं कि सिर्फ सही [6:51] टैग्स लगा देने से आपकी वीडियो वायरल हो [6:54] सकती है। बट आखिर इस बात में कितनी सच्चाई [6:56] है। देखो टैग्स एक ऐसा फीचर है जो तब से [6:58] एक्सिस्ट करता है जब YouTube बिल्कुल नया [7:00] था। उस समय एल्गोरििदम उतना एडवांस नहीं [7:02] था कि वो वीडियो के कंटेंट को खुद से [7:04] एनालाइज करके सही ऑडियंस तक पहुंचा पाए। [7:07] एंड दैट्स व्हाई टैग्स पहले बहुत मैटर [7:09] करते थे। बिकॉज़ उनके हेल्प से व्यूअर्स [7:11] आपके वीडियोस को इजीली सर्च करके फाइंड कर [7:13] सकते थे। बट देन ऑफ कोर्स समय के साथ [7:15] एल्गोरििदम और एडवांस्ड होता गया। लाइक [7:17] 2009 में YouTube ने एएसआर यानी ऑटोमेटिक [7:20] स्पीच रिकॉग्निशन का यूज करना शुरू कर [7:22] दिया। जिसके हेल्प से एल्गोरिदम आपके [7:24] वीडियो को सुन के उसके लिए एक वर्ड बाय [7:26] वर्ड ट्रांसक्रिप्ट जनरेट करता है। दिस [7:28] मींस कि आपके टैग सेंटर किए बिना भी [7:30] एल्गोरििदम को पता रहता है कि आपकी वीडियो [7:32] एग्जैक्टली किस बारे में है और उसको किसको [7:35] रेकमेंड करना है। इनफैक्ट अभी रिसेंटली जो [7:37] Google आईo कॉन्फ्रेंस हुआ था उसमें आस्क [7:39] YouTube नाम का एक न्यू फीचर अनाउंस हुआ [7:41] है। यह बेसिकली एक ए पावर्ड सर्च फीचर है [7:44] जिसमें आप और भी कॉम्प्लेक्स क्वेरीज या [7:46] क्वेश्चंस एंटर कर सकते हो। एंड यह आपको [7:48] वीडियो का एग्जैक्ट मोमेंट बता देगा जहां [7:50] पे आपके क्वेश्चन का आंसर है। तो आई थिंक [7:52] अब आपको समझ आ रहा होगा कि एल्गोरिदम [7:54] कितना एडवांस हो गया है एंड क्यों टैग्स [7:56] धीरे-धीरे इररेलेवेंट होते जा रहे हैं। [7:58] इवन YouTube खुद कहता है कि टैग्स प्ले अ [8:00] मिनि योर वीडियोस डिस्कवरी। आई नो आप [8:03] मुझसे पूछोगे कि भाई फिर आप अपने वीडियो [8:05] में टैग्स क्यों लगाते हो? तो इसका सिंपल [8:07] सा आंसर यह है कि आई थिंक अगर YouTube ने [8:09] हमें अपने वीडियोस को ऑप्टिमाइज करने के [8:11] लिए कोई फीचर दिया है तो हमें उसे खाली [8:13] नहीं छोड़ना चाहिए। इवन अगर वो हमारे [8:14] वीडियो के डिस्कवरी में सिर्फ 1% भी हेल्प [8:17] करता है तो भी व्हाट यू कैन डू इज कि आपने [8:19] डिस्क्रिप्शन में जो भी कीवर्ड्स डाले हैं [8:21] आप सिंपली उनको कॉपी करके टैग्स में यूज़ [8:23] कर सकते हो या रैपिड टैग्स जैसे वेबसाइट [8:25] पे अपना टॉपिक एंटर कर सकते हो एंड ये [8:27] आपको रेलेवेंट टैग्स सजेस्ट कर देगा। [8:32] ऑलराइट। आई थिंक अब आपको समझ आ गया होगा [8:34] कि टाइटल, डिस्क्रिप्शन एंड टैग्स ये [8:36] तीनों फीचर्स एग्जैक्टली कितने मैटर करते [8:38] हैं। टाइटल ऑफ कोर्स सबसे ज्यादा मैटर [8:40] करता है। बिकॉज़ इससे डायरेक्टली सीटीआर [8:42] इफेक्ट होता है। सो टाइटल को जितना हो सके [8:44] क्लियर एंड अटेंशन गैबिंग बनाओ। सबसे बड़ी [8:47] गलती जो क्रिएटर्स करते हैं इसकी वो टाइटल [8:49] व्यूअर्स के लिए नहीं बल्कि एल्गोरििदम के [8:51] लिए लिखते हैं और टाइटल में ही वीडियो का [8:53] एसइओ करने लगते हैं। तो ये गलती मत करना। [8:55] कीवर्ड्स डालने और एसइओ करने के लिए [8:57] YouTube ने आपको डिस्क्रिप्शन बॉक्स दिया [8:58] है। तो प्लीज उसका यूज करो। एंड रिमेंबर [9:01] कि एसइओ व्यूज लाने का कोई मैजिक ट्रिक [9:03] नहीं है। बिकॉज़ इतना ही आसान होता तो सभी [9:05] अपने वीडियोस में प्रॉपर कीवर्ड्स लगा के [9:07] YouTube पे नंबर वन पे रैंक कर जाते हैं। [9:09] बट ऐसा होता नहीं है क्योंकि YouTube [9:11] कीवर्ड्स के अलावा भी बहुत सारेेंट [9:13] मैट्रिक्स देखता है। लाइक सीटीआर, एवरेज [9:15] व्यू ड्यूरेशन, लाइक्स, कमेंट्स एंड इन [9:18] सबके बेसिस पर डिसाइड करता है कि वीडियो [9:20] को कितना पुश करना है। इन शॉर्ट एसइओ भी [9:22] आपको तभी हेल्प करेगा जब आपका कंटेंट और [9:25] पैकेजिंग स्ट्रांग होगा। सो, पैकेजिंग को [9:27] और स्ट्रांग बनाने के लिए स्क्रीन पे जो [9:28] वीडियो आ रही है उस पे क्लिक करो। एंड या, [9:30] मैं आपसे वही मिलूंगा।