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title: 'YouTube Monetization 2026 New Rules | YouTube Partner Program Rules 2026'
source: 'https://youtube.com/watch?v=6D0wyApFlA4'
video_id: '6D0wyApFlA4'
date: 2026-06-30
duration_sec: 323
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# YouTube Monetization 2026 New Rules | YouTube Partner Program Rules 2026

> Source: [YouTube Monetization 2026 New Rules | YouTube Partner Program Rules 2026](https://youtube.com/watch?v=6D0wyApFlA4)

## Summary

Many new creators believe that reaching 1000 subscribers and 4000 watch hours automatically leads to YouTube monetization, but this is only the eligibility to apply. Actual approval depends on several hidden policies including content originality, channel setup, and avoiding fake engagement.

### Key Points

- **Misconception about monetization** [00:00] — Creators think meeting 1000 subs and 4000 hours guarantees monetization, but it's only eligibility to apply.
- **Eligibility vs Approval** [00:24] — Eligibility criteria are 1000 subscribers and 4000 watch hours (long videos) or 10 million shorts views in 90 days. Approval depends on additional rules.
- **Content must be original and add value** [01:00] — YouTube checks if content is original, has human value addition, and is not reused or misleading.
- **No community guidelines strikes** [02:12] — Active community guidelines strikes will prevent monetization approval.
- **Two-step verification required** [02:42] — Two-step verification must be enabled on the email used to create the channel.
- **Channel branding and about section** [03:36] — Channel must have a logo, banner, and a filled about section for monetization approval.
- **Paid ads watch time not counted** [03:54] — Watch time from paid advertisements is not counted toward the 4000 hours requirement; only organic watch time counts.
- **Avoid fake engagement** [04:20] — Fake subscribers, bots, or suspicious engagement can lead to rejection of monetization application.
- **Enable advanced features** [04:58] — The channel's advanced features must be enabled for monetization to work.

## Transcript

देखो कुछ लोगों को लगता है जो नए क्रिएटर
होते हैं जिनका चैनल मोनेटाइज नहीं होता
कि भाई अगर चैनल पर 1000 सब्सक्राइबर
कंप्लीट हो गए और 4000 घंटे का वॉच टाइम
कंप्लीट हो गया तो चैनल मोनेटाइज हो ही
जाएगा और बहुत सारे ऐसे क्रिएटर हैं जो इस
क्राइटेरिया को कंप्लीट भी कर लेते हैं
लेकिन उनका चैनल मोनेटाइज नहीं होता बिकॉज़
उनको अभी तक ये समझ ही नहीं आया कि भाई
1000्राइबर कंप्लीट करना और 4000 घंटे का
वॉच टाइम कंप्लीट करना सिर्फ एक
एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया है मोनेटाइजेशन
के लिए अप्लाई कर सको लेकिन ये एक
मोनेटाइजेशन का रियल रियल रूल नहीं है और
जब तक आपको रियल रूल नहीं पता चलेगा तब तक
आपका चैनल मोनेटाइज होगा नहीं। तो अगर आप
एक न्यू क्रिएटर हैं, आपका चैनल अभी तक
मोनेटाइज नहीं हुआ तो इस वीडियो को लास्ट
तक देखते रहिए। मैं आपको मोनेटाइजेशन के
सभी रियल रूल बताने वाला हूं। और यह
वीडियो न्यू क्रिएटर के लिए बहुत हेल्पफुल
होने वाली है और यह चैनल भी बहुत हेल्पफुल
है। तो चैनल को भी सब्सक्राइब कर लो और
वीडियो को भी लाइक कर दो। देखो, एक होता
है एलिजिबिलिटी और एक होता है अप्रूवल।
एलिजिबिलिटी का मतलब यह है कि अगर आपने
अपने चैनल की जो एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
है उसको कंप्लीट कर लिया तो आप
मोनेटाइजेशन के लिए अप्लाई कर सकते हो और
अप्रूवल का मतलब यह है कि अगर YouTube ने
आपके चैनल को अप्रूवल दे दिया तो फिर आपका
चैनल मोनेटाइज हो सकता है। तो जो
एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया है वो तो भाई
सिंपल ही है कि आपको 1000्राइबर चाहिए और
अगर आपकी लॉन्ग वीडियो के थ्रू आपको
मोनेटाइज करवाना है तो 4000 घंटे का वॉच
टाइम चाहिए आपकी लॉन्ग वीडियोस पर जो
पब्लिक है और अगर आपको शॉर्ट्स के थ्रू
करवाना है तो लास्ट 90 डेज में आपको 10
मिलियन शॉर्ट व्यूज चाहिए। ठीक है? समझ
गए? लॉन्ग वीडियो के केस में लास्ट वन ईयर
में यानी कि लास्ट 365 डेज के अंदर जितनी
भी लॉन्ग वीडियो पब्लिक है उन पर 4000
घंटे का वॉच टाइम और अगर श्स के थ्रू
करवाना है तो यहां पे वॉच टाइम नहीं लास्ट
90 डेज में जितने भी श्स आपने पब्लिक कर
रखे हैं अपने चैनल पर उन सभी पे 10 मिलियन
व्यूज कंप्लीट होने चाहिए। ये एलिजिबिलिटी
है। ये क्राइटेरिया आपने कंप्लीट किया। आप
अब मोनेटाइजेशन के लिए सिर्फ अप्लाई कर
सकते हो। इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि
आपका चैनल मोनेटाइज हो ही जाएगा। उसके लिए
आपको रूल समझने पड़ेंगे। देखिए सबसे पहले
YouTube चेक करेगा कि आपने जो वीडियोस
अपलोड करी है आपके चैनल पर उनप जितनी भी
पब्लिक वीडियो है बस उन्हीं को चेक करेगा।
अगर आपने कोई भी वीडियो अनलिस्टेड करी
डिलीट कर दी प्राइवेट कर दी उनसे YouTube
को कोई मतलब नहीं है। ना तो उनका कोई वॉच
टाइम गेन होगा। कुछ भी नहीं। उनका वॉच
टाइम अगर मिला भी होगा तो माइनस हो जाएगा।
उनको काउंट ही नहीं किया जाएगा। सिर्फ
पब्लिक वीडियो की बात होगी। और उसमें तीन
चीजें YouTube देखता है आपका जब वो कंटेंट
चेक करता है कि हां आपने सब्सक्राइबर और
जो बाकी एलिजिबिलिटी क्राइटरिया वो तो
कंप्लीट कर लिया लेकिन आपका कंटेंट
ओरिजिनल है या नहीं है। अगर वो रयूज
कंटेंट है तो आपको मोनेटाइजेशन का अप्रूवल
नहीं मिलेगा। दूसरा आपका जो कंटेंट है
उसमें कोई वैल्यू ऐड की है कि नहीं आपने।
अगर आपकी कोई रियल ह्यूमन वैल्यू ऐड नहीं
है उसमें तो भी आपको कुछ नहीं मिलेगा। यह
ध्यान रखना। कोई मोनेटाइज नहीं होगा। आपको
मना कर देगा कि भाई आपका जो है मोनेटाइज
नहीं और कई बार ऐसा भी होता है कि अगर
आपने मिसलीडिंग मेटा डेटा भरा हुआ है यानी
कि जो टाइटल डिस्क्रिप्शन है उसमें काफी
मिसलीडिंग किया है तो उस केस में भी ऐसा
होगा कि भाई वो आपके चैनल को मोनेटाइज
नहीं करेगा। तो आपका जो भी कंटेंट है वो
एडवरटाइजर फ्रेंडली कंटेंट पॉलिसी को भी
फॉलो करना चाहिए। तब जाके आपको जो है
मोनेटाइजेशन अप्रूवल मिल सकता है। YouTube
ये तीन चीजें जरूर चेक करता है। इवन आपकी
जो ज्यादा व्यूज वाली वीडियो है उसको तो
भाई साहब वो लेंस लगा के चेक करता है कि
इसमें कोई कुछ फेक तो नहीं है। तो ये तो
क्लियर हो गया। अब सुनो दूसरी पॉलिसी भी
है कुछ। पॉलिसी ये है कि आपके चैनल पर कोई
भी एक्टिव कम्युनिटी गाइडलाइन स्ट्राइक
नहीं होनी चाहिए। अगर वो है तो नहीं होगा
अप्रूवल। एक यह भी है कि आपका जो ईमेल
आईडी है जिससे आपने चैनल क्रिएट किया हुआ
है उस पर टू स्टेप वेरिफिकेशन ऑन होना
चाहिए। यह भी एक पॉलिसी है। फिर आपका जो
चैनल है उस पे लोगो बैनर लगा होना चाहिए
और आपके चैनल के अबाउट में कुछ ना कुछ
लिखा होना चाहिए। वो खाली नहीं होना
चाहिए। यह भी एक पॉलिसी है। एक चीज और कुछ
लोग क्या करते हैं? Google एड्स के थ्रू
Google ऐड लगवा लेते हैं। पैसा देके व्यूज
ले लेते हैं। उससे वॉच टाइम भी गेन हो
जाता है। उस वॉच टाइम को काउंट नहीं किया
जाता मोनेटाइजेशन के लिए। ध्यान रखना अगर
आपने किसी वीडियो पे ऐड लगवाए, पैसे खर्च
किए उस पर आपको्राइबर और व्यूज तो
मिलेगा।्राइबर की तो कोई दिक्कत नहीं है।
लेकिन जो वॉच टाइम मिलेगा ना वो काउंट
नहीं होगा। आपका वॉच टाइम ऑर्गेनिक ऑडियंस
के थ्रू ही आना चाहिए। तो यह भी चेक किया
जाता है। कई बार ऐसा भी होता है कि आप
आर्टिफिशियल या बोट व्यूज ये सब्सक्राइबर
यह सब खरीद लेते हो तो देखिए कुछ लोग
जेन्युइन तरीके से भी आपको दे सकते हैं और
कुछ लोग फेक तरीके से भी आपको दे सकते हैं
और आपसे पैसा ले सकते हैं। तो अगर आपके
सब्सक्राइबर आपका वॉच टाइम आपका जो ज्यादा
से ज्यादा वीडियो चली है उसका इंगेजमेंट
अगर बूस्टेड लगता है लगता है कि फेक है
कुछ बोट की तरह कोई ना कोई आपने एक्टिविटी
सस्पिशियस की है तो उस केस में भी आपका जो
चैनल है वो मोनेटाइज नहीं हो सकता और उस
केस में आपको मेल आएगा कि आपका जो चैनल है
वो मोनेटाइजेशन पॉलिसी को मीट नहीं करता
यानी कि ओरिजिनलिटी तो चाहिए ही चाहिए और
हां एक चीज और आपका जो चैनल है उस पर जो
एडवांस फीचर है वो वो भी इनेबल होना
चाहिए। अगर वो इनेबल नहीं है तो भी आपके
चैनल को मोनेटाइज नहीं किया जा सकता। ये
सारे रियल रूल है। तो जब आप एलिजिबिलिटी
क्राइटेरिया कंप्लीट करेंगे तो यह रूल भी
आपको फॉलो करने पड़ेंगे। फिर आपका चैनल
मोनेटाइज हो जाएगा। आपको अप्रूवल मिल
जाएगा। अगर आपका कोई डाउट है कमेंट कर
देना। मिलता हूं अगली वीडियो में नए टॉपिक
के साथ। तब तक के लिए, जय हिंद।
