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title: 'Learn Trading in 2 Months Full Roadmap (2027) | Trading For Beginners | How To Start Trading'
source: 'https://youtube.com/watch?v=pXpfShH_fus'
video_id: 'pXpfShH_fus'
date: 2026-10-27
duration_sec: 898
channel: 'Neeraj joshi'
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# Learn Trading in 2 Months Full Roadmap (2027) | Trading For Beginners | How To Start Trading

> Source: [Learn Trading in 2 Months Full Roadmap (2027) | Trading For Beginners | How To Start Trading](https://youtube.com/watch?v=pXpfShH_fus)

## Summary

This video provides a free, structured roadmap for beginners to learn trading fundamentals in two months. It outlines key concepts like price action and Smart Money, emphasizes the importance of execution and backtesting, and highlights legal trading options in India.

### Key Points

- **Trading can be learned in 2 months** [00:27] — The creator states that it is possible to learn all the essential trading concepts within the remaining two months of the year. This includes basics, price action, and smart money concepts.
- **Essential trading concepts** [00:40] — To build a strong foundation, one must understand trading basics, price action concepts (resistance, candlestick patterns, chart patterns), and Smart Money concepts (market structure, fair value gap, order block, liquidity).
- **Free learning via YouTube playlists** [01:23] — All of these concepts can be learned for free on YouTube through a series of playlists created by the channel, including 'Learn Trading from Scratch' and an advanced series, totaling about 12 hours of content.
- **The execution gap** [03:38] — The main difference between learning trading and becoming a profitable trader is execution. After learning, discipline and rule-following are crucial to avoid losses.
- **Legal markets in India** [04:06] — Forex trading is illegal for residents of India, and bank accounts could be frozen. The legal options are the Indian market or the crypto market, with the latter being 24/7 and accessible via an FIU-registered platform like Delta Exchange.
- **Building a trading strategy** [06:04] — To execute what you've learned, you need a trading strategy, which must clearly define your entry point, stop-loss, and target. Trading without a strategy will lead to losses.
- **The danger of shortcuts** [06:43] — Avoid shortcuts like using random strategies from YouTube. A half-knowledge approach often leads to losing your entire capital.
- **Backtesting is crucial** [08:16] — Before using any strategy, backtest it on at least 1 year of data or 100 trades. This helps assess its profitability, builds confidence, improves psychology, and familiarizes you with the setups.
- **Demo trading and market entry** [11:36] — After backtesting, you can try demo trading on platforms like Delta Exchange before risking real money. Trading is a business, and it will have losses.
- **Capital requirements** [13:12] — Start with a small capital you can afford to lose, like ₹5,000 for learning. For meaningful profit, a capital of ₹40,000 or more is suggested.

## Transcript

में एक सवाल तो जरूर आता होगा कि ट्रेडिंग सीखने में टाइम कितना लगेगा? इस साल को खत्म होने में जो 2 महीने बचे हैं, क्या इनमें ट्रेडिंग सीखी जा [संगीत] सकती है? और अगर सीखी जा सकती है तो फ्री में भी सीख सकते हैं या फिर कोई पेड कोर्स लेना
पड़ेगा। तो अगर आप ट्रेडिंग में नए हैं या फिर सीखने के बाद भी लॉस कर रहे हैं तो यह ज्यादा आसान बना देगी। क्योंकि जो ट्रेडिंग आप Instagram में देख रहे हैं ना रियलिटी [संगीत] उससे बहुत ज्यादा डिफरेंट है।
तो सबसे पहले टाइमिंग की बात करते हैं। तो ट्रेडर बनने के लिए आपको ट्रेडिंग के जरूरी कांसेप्ट समझने होंगे और इसको समझने के लिए 2 महीने काफी है। यानी इस साल के अंत तक आप ट्रेडिंग के सारे जरूरी कांसेप्ट्स को अच्छे से समझ सकते हैं। अब
इसके लिए आपको ट्रेडिंग के बेसिक्स जैसे ट्रेडिंग कहां पर करनी है, कैसे करनी है? क्या होता है? यह समझना होगा। इसके बाद आपको प्राइस एक्शन के जरूरी कांसेप्ट्स रेजिस्टेंस क्या होता है? कैंडलस्टिक पैटर्न्स, चार्ट पैटर्न्स ये सब कुछ समझना
है। इसके बाद आपको स्मार्ट मनी के कुछ कांसेप्ट समझने होंगे। जैसे कि मार्केट स्ट्रक्चर, फेयर वैल्यू गैप, ऑर्डर ब्लॉक, लिक्विडिटी और इसके साथ-साथ आपने रिस्क मैनेजमेंट के भी बहुत सारे कांसेप्ट्स को समझना होगा। यह समझना इसलिए जरूरी है
क्योंकि जब तक बेसिक्स क्लियर नहीं होंगे, तब तक आपको बहुत ज्यादा कंफ्यूजन आएंगे। इसलिए अपनी फाउंडेशन को स्ट्रांग करना बहुत ज्यादा जरूरी है और इसके लिए 2 महीने काफी होंगे। अब क्या-क्या सीखना है यह तो आपको समझ आ गया है बट अब सवाल उठता है कि
ये सारी चीजें आप सीखेंगे कहां से? और क्या यह सब कुछ फ्री में भी सीख सकते हैं या कोई पेड कोर्स लेना पड़ेगा। तो गुड न्यूज़ यह है कि यह सब कुछ आप फ्री में सीख सकते हैं वो भी YouTube पे और बिल्कुल सीरीज वाइज और इसके लिए आपको कहीं जाने की
जरूरत भी नहीं है क्योंकि हमने हमारे चैनल के प्लेलिस्ट वाले सेक्शन में दो कोर्स बना रखे हैं। तो इसके लिए आपने हमारे चैनल को सब्सक्राइब करने के बाद प्लेलिस्ट वाले सेक्शन पे जाना है और सबसे पहले आपको यह जो प्लेलिस्ट नजर आ रही है लर्न ट्रेडिंग
फ्रॉम स्क्रैच। आपने इस प्लेलिस्ट में जो 10 वीडियोस हैं, इनको बिल्कुल सीरीज वाइज देख लेना है। इस प्लेलिस्ट की खास बात यह है कि अगर आपको अभी ट्रेडिंग का टी भी नहीं पता ना, तो भी इस प्लेलिस्ट को देखकर आपको ट्रेडिंग की अच्छी खासी नॉलेज हो
जाएगी और इसके बाद ट्रेडिंग आप शुरू भी कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको और ज्यादा एडवांस ट्रेडिंग सीखनी है और ज्यादा डीप में ट्रेडिंग सीखनी है तो फिर हमने एक दूसरी प्लेलिस्ट बना रखी है। इस प्लेलिस्ट में भी 10 वीडियोस हैं और इसमें हमने
ट्रेडिंग को बहुत ज्यादा डीपली सिखाया है। तो आपने इन 10 वीडियोस को भी देखना होगा। लेकिन पहले वो 10 वीडियोस को बिल्कुल सीरीज वाइज देखना और उसके बाद इन 10 वीडियोस को सीरीज वाइज देखना। अब आप सोच रहे होंगे कि यार फ्री में एक साथ यहां पर
सारी चीजें मिल रही हैं तो शायद कुछ ना कुछ तो इसमें कमी होगी या फिर पेड कोर्स में कुछ एक्स्ट्रा मिलता होगा। तो मैं आपको बता दूं कि जो चीजें लोग पेड कोर्स में बेचते हैं वो हमने बिल्कुल फ्री में प्रोवाइड की है। और यहां पर यह जो टोटल 20
वीडियोस है ना इनकी अगर आप लेंथ जोड़ लोगे तो लगभग 12 घंटे की होगी। पेड कोर्स भी इतने ही बड़े होते हैं। एंड इवन अगर आप इन 20 वीडियोस को सीरीज वाइज देख लेते हो तो देखो मैं नहीं बोलता लेकिन बहुत सारे लोग बोलते हैं कि पेड कोर्स से भी ज्यादा बेटर
तरीके से हमने इस सीरीज में समझाया है। बस कोर्स को देखते वक्त दो चीजों का ध्यान रखना। पहला तो देखो Netflix की तरह लेट कर अगर आप कोर्स देखोगे तो फिर तो कुछ समझ नहीं आएगा। यह एजुकेशनल वीडियोस हैं। तो आपको पूरी सीरियसनेस के साथ इसको देखना
होगा। साथ में नोट्स भी बनाने होंगे। अगर आपको कहीं पर कंफ्यूजन आता है तो उस चीज को या उस लेक्चर को पूरा रिपीट करके देखो क्योंकि जब पहली बार देखोगे तो कुछ चीजें आपको डिफिकल्ट लगेंगी। लेकिन जब एकद बार उन चीजों को देख लोगे तो फिर वो आपको
अच्छे से समझ आ जाएंगी और जितना आसान तरीके से इन कांसेप्ट को समझाया जा सकता है उतने आसान तरीके से हमने उन प्लेलिस्ट में समझा रखा है। यानी इन 20 वीडियोस को देखकर नोट्स बनाकर आप 2 महीने में ट्रेडिंग के सारे जरूरी कांसेप्ट समझ
जाएंगे। लेकिन ट्रेडिंग सीखने में और प्रॉफिटेबल ट्रेडर बनने में एक चीज का फर्क होता है, वह होता है एग्जीक्यूशन का। और यह एग्जीक्यूशन में आपको कितना टाइम लगेगा, यह कोई नहीं बता सकता। यह आप खुद बता सकते हैं। आपने पहले अच्छे से तो सीख
लेना है, लेकिन उसके बाद एग्जीक्यूशन के लिए आप कितना सीरियसनेस के साथ काम करते हैं, कितने रूल्स को फॉलो करते हैं, यह इंपॉर्टेंट है। क्योंकि ज्यादातर लोग ट्रेडिंग सीखने के बाद भी नुकसान इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वो एग्जीक्यूशन सही तरीके
से पहले मैं आपको बता देता हूं कि एग्जीक्यूट करना कहां पर है। फिर समझेंगे कि कैसे एग्जीक्यूट करना है। तो देखो टोटल चार तरह के मार्केट्स होते हैं। एक होता है इंडियन मार्केट, क्रिप्टो मार्केट, फॉरेक्स मार्केट और कमोडिटी मार्केट। अब
इसमें से जो फॉरेक्स मार्केट है वो इललीगल है। आपको बहुत सारे लोग बोलेंगे कि क्लियरली आपको बता रहा हूं। आप Google में भी सर्च कर सकते हो। अगर आप इंडिया में रहते हुए फॉरेक्स ट्रेडिंग करेंगे तो वहां पर यह इललीगल है। इवन अगर आपके अकाउंट में
कोई पैसा आता है तो आपका बैंक अकाउंट फ्रीज तक हो सकता है। तो फॉरेक्स ट्रेडिंग तो इंडिया के लिए नहीं है। अब जो लोग प्रमोट करते हैं, वह करते हैं। आपने उस चक्कर में नहीं आना है। अब बारी आती है कमोडिटी मार्केट की। तो कमोडिटी मार्केट
में भी अगर आपने सही तरीके से ट्रेड करना है ना तो वो फॉरेक्स के अंडर ही आता है। यानी उसको करने का भी कोई अच्छा ऑप्शन नहीं है। कर आप इंडियन मार्केट के थ्रू भी कर सकते हैं लेकिन वो कोई बेटर ऑप्शन नहीं है। वहां पर जो चीजें चाहिए, लेवरेज चाहिए
वो सब कुछ मिलता ही नहीं है तो उसका कोई फायदा नहीं है। यानी अगर इंडिया में रहते हुए लीगली ट्रेड करना है तो घुमा फिरा के आपके पास दो ऑप्शन बचते हैं। एक है इंडियन दोनों में से कोई भी मार्केट में ट्रेड कर सकते हो। लेकिन इंडियन मार्केट की एक
फिक्स टाइमिंग है। सैटरडे संडे वह क्लोज रहता है। जबकि क्रिप्टो मार्केट 24 * 7 चलता है। लेकिन अगर क्रिप्टो मार्केट में ट्रेड करोगे तो किसी एफआईयू रजिस्टर्ड प्लेटफार्म के थ्रू ही करना। मैं इसके लिए डेल्टा एक्सचेंज का यूज़ करता हूं। यह
इंडिया में एफआईयू रजिस्टर्ड होने के साथ-साथ इंडिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो डेरिवेटिव एक्सचेंज है। यहां पर लेवरेज भी अच्छा खासा मिल जाता है। इनका प्लेटफार्म क्रिप्टो में ट्रेड करने के लिए सबसे बेटर जो प्लेटफार्म है वो elल्टा एक्सचेंज है।
रखा है। अगर आप हमारे लिंक का यूज़ करके डेल्टा एक्सचेंज में अपना अकाउंट ओपन करते हैं तो आपको हमारी तरफ से अरा AI का ₹2000 का सब्सक्रिप्शन मिलता है। साथ ही हम आपको करते हैं। बट उसके लिए हमारे लिंक से अकाउंट ओपन करने के बाद Google फॉर्म को
जरूर फिल कर लीजिएगा जो कि डिस्क्रिप्शन में दिया गया है। अब बात करते हैं एग्जीक्यूशन की। तो जो कुछ आपने सीखा है उसको एग्जीक्यूट करने के लिए आपको अपनी एक स्ट्रेटजी चाहिए होगी। अब स्ट्रेटजी में ना चार चीजें क्लियर होनी चाहिए। इसके लिए
हो या फिर YouTube में भी आपको बहुत सारी स्ट्रेटजीस मिल जाती हैं। लेकिन ये चीजें क्लियर होना बहुत ज्यादा जरूरी है। सबसे पहले आपकी स्ट्रेटजी आपको बताएं कि आपकी एंट्री कहां पे होगी। दूसरा आपको बताएं कि आपका स्टॉप लॉस कहां पे होगा और तीसरा
आपको बताएं कि आपका टारगेट कहां पर होगा और अगर आप खुद के मन से ट्रेड करने वाले हो तो ट्रेडिंग में आने का आपका कोई फायदा नहीं है। आप सिर्फ नुकसान करोगे। यानी आपके पास अपनी स्ट्रेटजी होनी चाहिए। एंड इवन जो आपने सारे बेसिक्स समझाएं हैं,
स्मार्ट मनी कांसेप्ट समझाए, प्राइस एक्शन समझाए वो इन चीजों के लिए ही समझाए जो मैंने आपको बताई है। अब यहां पर ना बहुत सारे लोग शॉर्टकट मारने की सोचते हैं। वह सोचते हैं कि यार इतना सब कुछ सीखने में कौन टाइम लगाए? इससे अच्छा YouTube से कोई
स्ट्रेटजी उठाते हैं। उसमें से थोड़ा बहुत तो सिखा देते ही हैं। तो उस स्ट्रेटजी को सीधा लगा के ट्रेड करना शुरू कर देते हैं। और यह उनके लॉस करने का एक बहुत बड़ा रीजन होता है। क्योंकि इस जगह पर आपको हाफ नॉलेज है और आप हाफ नॉलेज या बिना नॉलेज
के जब ट्रेड कर रहे हो और ऐसे में प्रॉफिट हो जाता है तब तो अच्छी बात है। लेकिन आप सिर्फ एक बार तो ट्रेड नहीं करोगे। एक बार तो प्रॉफिट नहीं कमाओगे। आप उसके बाद भी ट्रेड करोगे तो एक ना एक बार तो ऐसा होगा जब आपको लॉस हो रहा होगा। और उस टाइम पर
ज्यादा जानकारी नहीं है। आपको कांसेप्ट्स अच्छे से पता नहीं है। इसलिए आपको जब लॉस हो रहा होगा तो आप थोड़े लॉस के चक्कर में अपनी पूरी कैपिटल लॉस कर दोगे। जीरो कर दोगे। तो इतने सारे ट्रेड्स में जो कमाया
था उसका कोई भी फायदा नहीं होगा। इसलिए यहां पर शॉर्टकट मारने की मत सोचना। पहले इन सारी चीजों को समझना। कांसेप्ट्स को समझना। उसके बाद ही अपने स्ट्रेटजी वाले फज़ में आना। लेकिन सब कुछ सीखने के बाद भी स्ट्रेटजी वाले फेज में आते वक्त अगर आप
सीधा स्ट्रेटजी उठाकर उसे मार्केट में लगाएंगे तो यहां पर भी लॉस हो सकता है क्योंकि आपको पता ही नहीं है कि वो स्ट्रेटजी एक्चुअल में प्रॉफिटेबल है या फिर नहीं है। देखो हर वीडियो जो YouTube में बनाई जाती है उसमें कोई आपको नहीं
बोलेगा कि भाई स्ट्रेटजी लॉस करती है। या फिर देखो एक और चीज इंपॉर्टेंट है कि उन्होंने जब बैक टेस्ट किया था जिस टाइम फ्रेम में बैक टेस्ट किया था उस टाइम पर वह स्ट्रेटजी काम करती हो या फिर उस एसेट में वो स्ट्रेटजी काम करती हो आप जहां पर
अप्लाई करने वाले हो सकता है वहां पर वो स्ट्रेटजी काम ना करे उस टाइम फ्रेम में काम ना करे तो ऐसे में जिस स्ट्रेटजी के सहारे आप मार्केट में ट्रेड कर रहे हो वही स्ट्रेटजी आपके अगेंस्ट काम करने लगेगी आपकी दुश्मन बन जाएगी इसलिए किसी भी
स्ट्रेटजी को यूज करने से पहले आपको उसे बैक टेस्ट करके देखना होगा कम से कम 1 साल के डाटा पर या फिर 100 ट्रेड्स पर उसको बैक टेस्ट जरूर करें। बैक टेस्ट का मतलब है आपने पिछले एक साल का डाटा खोलना है। वहां पर देखना है कि कहां-कहां पर आपकी
स्ट्रेटजी के बेसिस पर आपका सेटअप बन रहा है और जहां-जहां पर सेटअप बन रहा है वहां पर आपने डिसाइड किया कि मान लो मैंने यहां पे ट्रेड लिया होता तो मुझे प्रॉफिट होता नुकसान होता। आपने देखा प्रॉफिट होता। तो आपने एक कैपिटल के बेसिस पे लिख लिया कि
प्रॉफिट होता, लॉस होता फिर से लिख लो। तीसरी बार देखो कि यहां पर प्रॉफिट होता, लॉस होता। ऐसे 100 ट्रेड्स या पूरे एक साल के डाटा को एनालाइज करो और उसके बाद आपको समझ आएगा कि स्ट्रेटजी में अच्छाई क्या है? बुराई क्या है या फिर स्ट्रेटजी सही
से काम कर भी रही है या फिर नहीं कर रही है। और अगर मान लो आपने 100 बार बैक टेस्ट स्ट्रेटजी ही अच्छी नहीं है। खराब स्ट्रेटजी है तो उसमें आप थोड़े से चेंजेस करके देख सकते हो। और वो चेंजेस भी ना आपको बहुत इमीडिएटली पता चल जाएंगे। जब आप
100 ट्रेड देखोगे तो आपको पता चलेगा कि क्या रीजन है। बार-बार यहां पे लॉस हो रहा है। तो हो सकता है थोड़ा सा वहां पर आपने स्टॉप लॉस में कुछ चेंजेस करने हो या फिर कोई थोड़े से रूल्स को चेंज करके एक खराब स्ट्रेटजी प्रॉफिटेबल स्ट्रेटजी बन जाए।
तो ये चीजें आपको देखनी पड़ेंगी और वो तभी पता चलेगा जब आप उसको बैक टेस्ट करेंगे। इस स्ट्रेटजी को बैक टेस्ट करने का दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब आप 100 बार इस स्ट्रेटजी को देखोगे, अपने सेटअप्स को देखोगे तो उसके बाद जब लाइव मार्केट में
वो सेटअप बनेगा ना तब वो आपके सबकॉन्शियस माइंड में फीड हो चुका होगा। आप सिर्फ देखते ही पहचान लोगे कि हां यहां पर मेरा सेटअप बना है। उसमें आपको पता होगा कि यहां पे स्टॉप लॉस है, यहां पे टारगेट है। यानी आपको कंफ्यूजन नहीं आएगा कि यह
एक्चुअल में मेरा सेटअप बन रहा है या फिर नहीं बन रहा है। क्योंकि पास्ट में आपने 100 ट्रेड्स को देखा है तो उसके बाद सेटअप्स को पहचानना आपके लिए बहुत इजी हो जाएगा। तीसरा जब आपने स्ट्रेटजी को बैक टेस्ट किया होगा तो आपको कॉन्फिडेंस भी
सेटअप बन रहा होता है लेकिन आपको कॉन्फिडेंस नहीं आता कि यार यहां पे ट्रेड और वो क्यों नहीं आ रहा है? क्योंकि आपने बैक टेस्ट नहीं किया है। जब आपने बैक टेस्ट किया है तो आपको फिर रिजल्ट पता है कि या तो यह होगा या तो यह होगा। ईजीली आप
सेटअप को पहचान भी पा रहे हो जिससे आपको कॉन्फिडेंस आएगा और ऐसे में अगर एक ट्रेड में लॉस होता है तो आपको पता है कि भाई मैंने 100 ट्रेड एनालाइज किए थे। उसमें से 50 ट्रेड में लॉस हुआ था। 50 ट्रेड में प्रॉफिट हुआ था। तो ये जो लॉस है ये उन 50
लॉस में से एक है और ऐसे लॉस तो आने हैं। तो यहां पर जो कॉन्फिडेंस आएगा वो भी आपकी ट्रेडिंग में हेल्प करेगा। चौथा बैक टेस्ट करने से आपकी जो साइकोलॉजी होगी वह भी सही होगी क्योंकि आपने 100 ट्रेड में रूल्स फॉलो किए थे। वहां पर आपने प्रॉपर स्टॉप
लॉस प्रॉपर टारगेट के साथ उसको बैक टेस्ट कर रखा है। तो आप कई बार जो अपनी एग्जिट कर देते हो जब वो प्रॉफिट में चल रहा होता है। लॉस को होल्ड करते हो तो ये सारी प्रॉब्लम से भी आप बच सकते हो सिर्फ बैक टेस्टिंग करके। तो बैक टेस्टिंग करने
के यह सारे फायदे हैं। लेकिन ट्रेडर्स बैक टेस्टिंग करते ही नहीं है। इवन हमने बैक टेस्टिंग के ऊपर बहुत सारी वीडियो बनाई है। उसमें उतने व्यूज नहीं आते क्योंकि लोगों को लगता है कि यार बैक टेस्टिंग कौन इतनी मेहनत करेगा? उनको चाहिए शॉर्टकट की
एक स्ट्रेटजी बता दो कि ऐसे हो जाए। लेकिन एक्चुअल जो चीजें मार्केट में काम करती शॉर्टकट पे फोकस कर रहे हैं तो फिर वो चीजें जो हैं वो उनके लिए लॉन्ग कट बन जाती है। लॉस देती हैं। तो इसलिए बैक टेस्टिंग के ऊपर फोकस करो। आपको रिजल्ट्स
के ऊपर डिफरेंस दिखने लगेगा और वहीं से आपका एग्जीक्यूशन ठीक होगा। अब जब आप बैक टेस्ट भी कर लेते हो, आपके पास स्ट्रेटजी भी रेडी है। आपको पता है कि स्ट्रेटजी किस तरीके से काम करती है। तो अब बारी आती है मार्केट में ट्रेड करने की। डायरेक्ट
ट्रेड करने से फिर भी बचना चाहते हो तो आप डेमो ट्रेडिंग करके देख सकते हो। डेल्टा होता है। जहां पर आप बिना पैसे लगाए ट्रेड कर सकते हो। तो डेल्टा एक्सचेंज का लिंक आपको थोड़ा सा समझ आ जाएगा कि किस तरीके से ट्रेड लेना है। तो अगर कोई कंफ्यूजन तब
भी होगा तो वो भी वहां पर क्लियर हो जाएगा। बट इसके बाद बारी आती है मार्केट में ट्रेड करने की। अब जब आप मार्केट में ट्रेड करेंगे तो आपने जो कुछ सीखा है, बैक टेस्ट किया है वो सारी चीजें यहां पर काम आने वाली हैं। लेकिन देखिए इसके बाद भी
क्योंकि ट्रेडिंग एक बिजनेस है। कुछ प्रॉफिट होगा। आपका पर्पस होगा ओवरऑल कि ट्रेडिंग करनी है तो इसके लिए कैपिटल
कहूंगा कि अगर आप क्रिप्टो के फ्यूचर्स में ट्रेड करने वाले हो तो यहां पर एक और के फ्यूचर्स में ट्रेड करते हो तो वहां पर जो 30% वाला टैक्स होता है वो एप्लीकेबल डायरेक्टली क्रिप्टो में ट्रेड नहीं कर रहे हो। आप उसके डेरिवेटिव्स में ट्रेड कर
रहे हो। तो वो जो 30% वाला टैक्स होगा वो यहां पर एप्लीकेबल नहीं होगा। तो यह भी एक अच्छी बात है। और आप उसमें 24 * 7 भी ट्रेड कर सकते हो। लेकिन वापस कैपिटल वाली बात पे आते हैं। तो जब आप क्रिप्टो में ट्रेड करते हो तो वहां पर आपको अच्छा खासा
लिवरेज मिल जाता है। लवरेज का मतलब होता है कि आप ₹1000 लगा के अगर आप 25 टाइम्स का लवरेज लेते हो तो ₹25,000 का ट्रेड ले सकते हो। आप ₹10,000 लगा के ₹.5 लाख का तक का एग्जांपल दे रहा हूं। आप दो कोने का
भी लवरेज ले सकते हो। लेकिन उससे रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। तो लेवरेज आपने जो वो प्लेलिस्ट बना रखी है ना उसमें समझा रखी है। तो अब सीधा कैपिटल की बात करते हैं। तो देखो मेरे अकॉर्डिंग अगर आप ट्रेडिंग में नए हैं तो आप देखो ₹4000
₹5,000 लेकर आओगे। अगर आपने ₹5,000 के ऊपर 5% भी कमा लिया तो वो ₹250 होगा। वो आपको कुछ भी अच्छा नहीं लगेगा। लेकिन अगर आपकी कैपिटल ₹00 से ₹00 के आसपास है और वहां पर
आप 5% कमाते हो तो एक ठीक-ठाक अमाउंट आपको लग सकता है। इसलिए आपकी जो कैपिटल होनी चाहिए वो थोड़ी सी ठीक-ठाक होनी चाहिए। 40 से ₹00 की रहेगी तो अच्छा रहेगा। लेकिन एक चीज का ध्यान रखना वो ₹500 तभी लेकर आना जब आप उसके ऊपर कंप्लीट रिस्क ले सकते हो।
क्योंकि हो सकता है कि इसके बाद भी आप गलती करो। आप किसी एक गलती की वजह से अपना जो पैसा है वह पूरा जीरो कर दे। ऑलदो ऐसे जीरो नहीं होता है। आपको सारी चीजें सामने देखने को मिलती [संगीत] हैं। लेकिन फिर भी मैं कह रहा हूं कि पैसा वही लेके आना
जिसके ऊपर पूरा रिस्क ले सकते हो। ऐसा ना हो कि ट्रेडिंग में आप कोई बहुत जरूरी पैसे थे जिसको लेकर आ गए उसमें लॉस हो गया और आगे आपको फिर फैमिली में घर के खर्चे लोन लेकर आ रहे हैं। यह सारी चीजें आपने नहीं करनी है। इससे आपकी साइकोलॉजी भी
खराब होगी। ऊपर से लॉस और ज्यादा बढ़ सकता है। तो ट्रेडिंग में सिर्फ वही पैसे लेकर आना जिसके ऊपर आप पूरा रिस्क ले सकते हो। चाहे कम भी हो उसको आप सीखने के लिए यूज कर सकते हो। बाद में फिर आप ज्यादा कैपिटल ला सकते हो। लेकिन मेरे अकॉर्डिंग अगर
पैसे कमाने के बारे में सोचना है तो फिर आपके पास ₹00 तो मिनिमम होने चाहिए और ₹00 के आसपास हो तो ठीक रहेगा। अगर उससे कम है तो फिर आप उसे यह समझो कि मैं सीखने के हिसाब से ले जा रहा हूं। देख रहा हूं मार्केट में किस तरीके से काम करता है।
ज्यादा मत सोचना। तो मैं उम्मीद करता हूं कि आपको समझ आ गया होगा कि किस तरीके से है तो वीडियो को लाइक और चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर दीजिएगा। डेल्टा है। Google फॉर्म का लिंक डिस्क्रिप्शन में दे रखा है। अगर आप बिल्कुल बेसिक टू
प्लेलिस्ट की मैं बात कराता हूं तो पहली प्लेलिस्ट यह वाली है और एडवांस ट्रेडिंग वाली प्लेलिस्ट आपको यहां पर नजर आ रही है। धन्यवाद।
