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title: 'Scaling FFmpeg for 1 Billion Videos'
source: 'https://youtube.com/watch?v=6ymS4zSlKww'
video_id: '6ymS4zSlKww'
date: 2026-06-17
duration_sec: 0
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# Scaling FFmpeg for 1 Billion Videos

> Source: [Scaling FFmpeg for 1 Billion Videos](https://youtube.com/watch?v=6ymS4zSlKww)

## Summary

The video discusses Facebook's engineering blog about scaling FFmpeg to process over 1 billion videos daily. It explains the traditional FFmpeg architecture, its limitations, and Facebook's innovative solution that separates decoding from encoding to improve efficiency. The video also covers how these changes influenced FFmpeg versions 6 and 8, enabling better multi-threading and GPU support.

### Key Points

- **Scale of Video Processing** [4:16] — Facebook processes over 1 billion videos daily across its platforms.
- **Traditional Architecture Bottleneck** [6:17] — Traditional approach runs separate FFmpeg commands for each resolution, each requiring a full decode.
- **Single Decode, Multiple Encodes** [7:46] — Facebook's architecture uses a single decoder feeding multiple encoders, eliminating redundant decoding.
- **Real-Time Quality Metrics** [11:22] — Real-time quality metrics (PSNR, SSIM) can be computed for live streams using this architecture.
- **Impact on FFmpeg Versions** [15:55] — Facebook's internal fork influenced FFmpeg versions 6 and 8, improving multi-threading and parallel processing.
- **GPU Acceleration with Vulkan** [17:50] — New FFmpeg versions support GPU-accelerated decoding via Vulkan compute shaders.
- **Critical Reading of Engineering Blogs** [19:47] — Engineering blogs often serve marketing purposes, providing thought processes rather than complete implementations.

## Transcript

देखिए जी वीडियोस में तो मेरा काफी
इंटरेस्ट है। वीडियोस मैं बहुत सारे बनाता
भी हूं। मुझे बहुत अच्छा लगता है वीडियोस
बनाना। प्रोसेस भी करते हैं, स्टोर भी
करते हैं। उनको एचएलएस फ्रेंडली भी बनाते
हैं। स्ट्रीमिंग फ्रेंडली जिसको बोलते हैं
और वीडियोस में मेरा पर्सनली बहुत
इंटरेस्ट है। तो जैसे ही मैंने Facebook
का एक इंजीनियरिंग ब्लॉग का आर्टिकल देखा
जिसमें इन्होंने एफएफएम पे के नए
इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में बात करी है
कि ये लोग अ बिलियंस ऑफ वीडियोस हैंडल कर
रहे हैं न्यू इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ में।
और इस न्यू इंफ्रास्ट्रक्चर ने ही एफएफएमक
के लास्ट दो वर्जनंस को इंस्पायर किया है।
होपफुली। तो मुझे लगा कि यार इस पे तो बात
होनी चाहिए। यह तो बड़ा इंटरेस्टिंग और
मेरा वन ऑफ द फेवरेट सब्जेक्ट है। तो हां
जी। Facebook तकरीबन 1 बिलियन वीडियोस को
प्रोसेस कर रहा है। काफी मैंने नोट्स
वगैरह भी बना रखे हैं इस पे। तो साथ में
मैं आपको पहले नोट्स समझाऊंगा क्योंकि इन
आर्टिकल्स को समझना कई बार आसान नहीं
होता। बट क्या करें? कभी ना कभी तो
स्टैंडर्ड रेज करना ही है। तो आइए साथ में
हम इसको पढ़ेंगे। मैंने पर प्री प्रिपेयर
नोट्स हैं ताकि मैं आपको एक उस लेवल पर ले
जा सकूं जिससे आप समझ पाएं कि अच्छा ये सब
होता क्या है? क्या कहानियां होती है। बाय
द वे अगर चैनल पे नए हैं तो सब्सक्राइब कर
दीजिएगा। यहां पे हम बहुत सारे
ट्यूटोरियल्स भी लाते हैं, सिस्टम डिजाइन
की भी बात करते हैं। ऐसे आर्टिकल्स भी
पढ़ते हैं और लेटेस्ट टेक न्यूज़ वगैरह यह
सब तो खैर चलता ही रहता है। इसमें तो मजा
आता ही है। और अगर पुराने हो चैनल पे तो
प्लीज कमेंट जरूर करके जाइएगा एक कि आपको
और सिस्टम डिजाइन के वीडियो ज्यादा
प्रेफर्ड है या ट्यूटोरियल वीडियो जिसमें
कोड लिखे हैं वो वाले ज्यादा प्रेफर्ड है
ताकि आगे वाली की वीडियोस की हम प्लानिंग
कर लें। और इस वीडियो से अगर कुछ
इंटरेस्टिंग सीखा है तो प्लीज नीचे
ड्रॉपडाउन कमेंट में देके जाना। वीडियो का
ज्यादा कमेंट टारगेट नहीं है। सिर्फ और
सिर्फ हम 100 कमेंट्स की बात कर रहे हैं।
छोटा सा टारगेट है कंप्लीट करवा दो। तो
चलिए जी जिन लोगों को नहीं पता कि वीडियोस
ये सब क्या होते हैं इस पे तो हम आएंगे ही
अभी। बट वीडियोस ना आप हमेशा वीडियोस को
कुछ इस तरह से देखिएगा कि वीडियोस आपके
हमेशा एक कंटेनर होते हैं। इन कंटेनर के
नाम होते हैं। मे बी अ आपने देखा होगा MP4
सबसे वन ऑफ दी कॉमन नेम है इन अ कंटेनर्स
का। तो वो भी हो सकता है हम इसका कलर चेंज
कर लेते हैं। ओके टेक्स्ट का तो नहीं हम
ट्रांसपेरेंट कर दें इसको। आई थिंक
ओके हम इसको बैकग्राउंड को इस तरह से कर
लेते हैं। ठीक है? तो वापस से लिखते हैं।
तो आपने एम mp34 सबसे कॉमन देखे होंगे जो
अ फॉर्मेट आता है mp4 बट आपने mkv भी देखे
होंगे या फिर आपने और भी कई फॉर्मेट देखे
होंगे। इन सारे फॉर्मेट को वीडियो की
टर्मिनोलॉजी में कंटेनर बोला जाता है।
क्योंकि इसके अंदर फर्दर इंफॉर्मेशन होती
है। आपके फ्रेम्स होते हैं, ऑडियोज़ होती
है। कई बार एसआरटी सब टाइटल्स भी होते
हैं। तो ये सब कंटेनर ही होते हैं। जब आप
एफएफएम पैक यूज़ करते हो एफएफएम पैक बाय द
वे आपको नहीं पता। तो एफएफ एमक एक वन ऑफ
दी स्टैंडर्ड आई थिंक ओनली स्टैंडर्ड
लाइब्रेरी है जो कि वीडियोस को प्रोसेस
करती है और बहुत ही ज्यादा स्केल पे यूज़
होती है। कुछ छोटे कॉम्पिटिट माइट बी हो
सकते हैं बट एज ऑफ नाउ दे आर द ओनली जॉइंट
होल्डिंग द मोनोपोली ऑफ प्रोसेसिंग द
वीडियो नाइसली हैंडलिंग ऑलमोस्ट एव्री
फॉर्मेट मतलब जितना भी हो सकता है सब कुछ
करते हैं। दे आर द ओनली मोनोपोली कंपनी
एंड बेस्ट पार्ट इज़ दे आर कंप्लीटली ओपन
सोर्स टोटली रिलायड ऑन जो कंट्रीब्यूशन
देते हैं या फिर जो बड़ी कंपनियां इनको
स्पॉनसर करती है। हालांकि इन्होंने ट्वीट
में कहा है कि Facebook इतना स्पॉनसर नहीं
कर रही जितना करना चाहिए उनको बट व्हाटएवर
इज दिस। तो एफएफएम पैक की कहानी है।
एफएफएम पैकग आपको वीडियोस को हैंडल करने
में मदद करता है। तो आपका वीडियो किसी भी
फॉर्मेट में आप एफएफएम पैकग में डाल सकते
हैं। यही आपके वीडियो को 1080p से 480p
में बनाता है। 480 से 360 और इन 360p
वीडियो को लेके अगर आपको एचएलएस फ्रेंडली
बनाना है, फ्रेम्स जनरेट करनी है, M3U8
करना जो भी आपको चाहिए वो मोस्टली एफएफएम
पैक से ही होता है या इसके थ्रू हो जाता
है। तो यह तो रही हमारी प्री बेस की
कहानी। अब जितने भी आप मोस्टली देखते हैं
YouTube ने कभी अनाउंस नहीं करा एस सच
ऑफिशियली बट आई थिंक सम हाउ दे आर आल्सो
यूजिंग इट। Facebook ने तो कहा है कि वो
यूज करते ही हैं इसको। पूरी कहानी अभी
आपको बताते हैं। वह पूरा डिटेल में जाती
हैं। आई थिंक Netflix भी यूज़ करता है।
मोस्टली जितने वीडियो सशंस हम भी यूज़ करते
हैं और बहुत अच्छे हैं। तो करते हैं। अब
Facebook की कहानी क्या है कि Facebook ने
कहा कि हमारा मीडिया इकोसिस्टम ग्रो हो
रहा है। अब Facebook है, Instagram है,
WhatsApp है। यहां पे बहुत पर डे पे
वीडियोस आते हैं और आप इमेजिन कर सकते हो
जिस हिसाब से रील्स और यह कंटेंट बढ़ रहा
है तो 1 बिलियन वीडियोस डेली प्रोसेस करते
हैं वो। प्रोबेबबली ज्यादा ही करते हैं। 1
बिलियन से भी कहीं ज्यादा। क्योंकि जिस
हिसाब से रील मैं भी स्क्रॉल कर रहा हूं
और आप भी स्क्रॉल कर रहे हो उस हिसाब से
वो रील खत्म तो नहीं हो रही है। कमेंट
सेक्शन में जरूर बताना खत्म हो रही है कि
नहीं हो रही है आपकी रील। तो ऑब्वियस सी
बात है इन वीडियोस का अगर आप साइज भी
देखोगे तो स्केल पे है और जहां पर बात आ
जाती है तो अब सोचने वाली बात नहीं
क्योंकि अब तो बस ग्रोथ ही है इसके बाद
pटाबाइट तक भी ठीक है मामला थोड़ा बहुत
ठीक है मैंने देखा है pटाबाइट स्केल बट
अभी तक नहीं देखा मैंने [हंसी] पर्सनली तो
बट हां ये है तो हमें समझ में आ गया कि
ठीक है Facebook का इकोसिस्टम इतना बढ़िया
है अब Facebook क्या करता है कि जब आप ये
fmp यूज़ करते हो तो मोस्टली एफएफएम पैक
क्या है कमांड लाइन के थ्रू ही यूज़ सब
कमांड लाइन के थ्रू ही यूज़ करते हैं।
वैसे कुछ गुई रैपर्स वगैरह भी हैं। बट
मोस्टली सब कमांड लाइन ही प्रेफर करते
हैं। सबने अपनी-अपनी कमांड बना के रख रखी
है कि हां इससे बेस्ट आउटपुट आता है
क्योंकि हर एक चीज आप कंट्रोल करते हो।
कितना फ्रेम रेट चाहिए? ऑडियो का कितना
डिग्रेडेशन चाहिए? अपग्रेडेशन चाहिए।
फ्रेम ज्यादा है, कम है। डुप्लीकेट फ्रेम
को हटा सकते हैं। क्या फ्रेम वगैरह बहुत
चीजें हैं इसके अंदर। तो हर कोई अपना ना
कमांड लाइन स्टोर करके रखता है और वहां से
होता है। अब कमांड लाइन ऐसा नहीं कि हमेशा
फेल होती है। हमेशा बिल्ड करती है। कभी
कबभार फेल भी होती है। तो जब ट्रेडिशनल
आर्किटेक्चर है उसका प्रॉब्लम क्या है कि
ये सिंगल मशीन बॉटल नेक है। एफएफ एमपैकग
मोस्टली सीपीयू हैवी था एक टाइम तक। अभी
काफी जीpयू ओके ओरिएंटेड भी आने लगा है।
लेकिन ट्रेडिशनल इसका बॉटल नेक यही है कि
सिंगल मशीन क्योंकि एक मशीन पे आप कितने
ही प्रोसेस करवा लोगे क्योंकि इसका अभी तक
आप जितना देखोगे ना यह मल्टी प्रोसेसिंग
मल्टी थ्रेड्स वगैरह पे नहीं था यह
सॉफ्टवेयर अभी तक बट स्टिल इट वर्क्स
ग्रेट। तो अगर आप इस आर्किटेक्चर पे जाते
हो तो सभी को बहुत सारी मशीनंस लगानी
पड़ती है क्योंकि वीडियो प्रोसेसिंग का
काम है और कुछ और कर नहीं सकते। ज्यादा
वीडियो प्रोसेस करने ज्यादा मशीनंस पिन
करो। मैंने भी वो इंफ्रा इंफ्रास्ट्रक्चर
देखा है जहां पर आपकी 3-300 4400 मशीन
स्पिन हो रही है कंटीन्यूअसली। ऐसा नहीं
कि ऑल टाइम स्पिन रहती है बट स्पिन होती
है। वो कुछ वीडियोस को प्रोसेस करती है।
S3 पे वीडियोस को फेंकती है। S3 अपने आप
नोटिफिकेशन भेजता है। एंड दैट्स इट दे गो
अवे। दिस इज़ द ट्रेडिशनल सिस्टम
आर्किटेक्चर। तो अब यहां पे है
अनएक्सेप्टेबल प्रोसेसिंग लेटेंसी। यह
वीडियोस को प्रोसेस होने में देखो टाइम
लगता है। इसमें कोई डाउट नहीं है कि अगर
आप 1 घंटे का भी वीडियो प्रोसेस कर रहे हो
तो यूजुअली 1 घंटा ही लगता है। अभी
प्रोसेसिंग आई थिंक कंपेरेटिवली फास्ट
होने लगी है। बट स्टिल ऐसा नहीं है कि 1
घंटे का वीडियो है तो आप उसको 5 मिनट में
प्रोसेस कर दोगे। वीडियो प्रोसेसिंग इज़ वन
ऑफ़ द टाइम कंज्यूमिंग टास्क। अब यहां पे
बिलियंस ऑफ डॉलर के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर
कॉस्ट आती है। लेकिन अभी क्या है कि
इन्होंने क्या करा? जब भी वीडियो आपका
प्रोसेस होता है ना जैसे आप एक 10 एक
वीडियो को 1080p में कर रहे हैं तो कुछ
इनका इंफ्रास्ट्रक्चर कुछ इस तरह से है कि
सपोज करो यह मेरा वीडियो है। अब इस सेम
वीडियो को आपको प्रोसेस करना है सपोज़ करो
720p में। तो ये 720p के अंदर होगा। अ सेम
यही वीडियो आपको दोबारा से 480p के अंदर
भी प्रोसेस करना है। तो यही सेम वीडियो जा
रहा है 720p में। यही वीडियो जा रहा है
480p में। तो इनका आर्किटेक्चर क्या बोलता
है कि इसके लिए अलग मशीन लगाओ। हम लगाते
हैं। इसके लिए भी एक अलग मशीन लगा लेते
हैं या फिर सेम मशीन पर दो कर लेते हैं।
इनका आर्किटेक्चर बड़ा ही इंटरेस्टिंग और
डिटेल है जो मैं आपको अभी बताता हूं। यहां
पे इन्होंने लिख भी रखा है। तो उसमें हम
चलते हैं।
ओके।
तो यहां पे
ओके ओके ओके।
एक सेकंड पॉज करके मैं आपको लाइन दिखाता
हूं। यस। तो एग्जैक्ट जो लाइन पढ़ने लायक
है वो यह है टू वर्क अराउंड दिस यही जो
मैंने आपको प्रोसेस बताया उसको मल्टीपल
आउटपुट कुड बी जनरेटेड विद सिंगल एफएफएम
पे कमांड लाइन अच्छा जी सिंगल आउटपुट्स
सिंगल कमांड से मल्टीपल आउटपुट जनरेट हो
सकते हैं। ओके डिकोडिंग द फ्रेम ऑफ अ
वीडियो वंस एंड सेंडिंग देम ईच आउटपुट
एनकोडर इंस्टेंस। तो ये लोग क्या कर रहे
हैं? बड़े स्मार्टली इन्होंने डायग्राम भी
बना रखा है। बड़ा अच्छा डायग्राम है यहां
पे कि ये इन्होंने क्या करा? एफएफ एम पैक
के थ्रू एक कस्टम डिकोडर बनाया क्योंकि
वीडियो जब भी डिकोड होता है ना उसके बाद
वापस से तुरंत एफएफ उसको असेंबल करता है
और तभी आपको 780p आउटपुट निकलता है कि
उसने डिकोड करा अब डिकोड करके उसको 720p
में डालेगा वापस से आपको 480 करना है तो
वापस से डिकोड करेगा और फिर से 720p तो
ऐसे ही चल रहा था अभी तक ट्रेडिशनली बट
इन्होंने सम हाउ उसमें से वो डिकोडर निकाल
के अलग रख लिया कि हम डिकोडर फेस तक ही
काम करेंगे और उसके बाद यहां पे स्केलर्स
हैं जो कि वीडियोस को स्केल करते हैं।
स्केल अप और स्केल डाउन व्हाटएवर इट इज़।
तो इन्होंने स्केल अप कर लिया या स्केल
डाउन कर लिया। तो एक ही इंस्टेंस है उसको
हमने बार-बार सब जगह यहां पर भेजा है। अब
एनकोडर तो ऑब्वियस सी बात है वीडियो डिकोड
होने के बाद वापस से एनकोड होगा ही होगा।
जो भी फॉर्मेट में चाहिए आपको एमकेवी MP4
720p 480p
डैश चाहिए एचएलएस चाहिए जो भी आपको
फॉर्मेट चाहिए वो सारा आउटपुट यहां पे आ
जाता है। तो ये बड़ा ही इंटरेस्टिंग और आई
थिंक मैंने वन ऑफ दी रेयर केसेस में ही
देखा है कि यार वर्क अराउंड है बट इट इज़
वेरी वेरी गुड। इन्होंने कहा है कि यहां
पर आप देखोगे दिस एलिमिनेट अ लॉट ऑफ
ओवरहेड बाय डी डुप्लीकेशन ऑफ वीडियो
डिकोडिंग एंड प्रोसेसिंग स्टार्टअप ओवरहेड
क्योंकि हर वीडियो को वापस से डिकोड करना
पड़ रहा था। गिवन दैट वी प्रोसेस ओवर 1
बिलियन वीडियो अपलोड डेली ईच रिक्वायरिंग
मल्टीपल एफएफएम पैक एग्जीक्यूशन ऑब्वियस
सी बात है सिग्निफिकेंट चंक डीकोड का तो
गायब ही हो गया है। अ रिडक्शन इन पर
प्रोसेस कंप्यूट यूसेज यील्ड सिग्निफिकेंट
एफिशिएंसी गेंस अ सिस्टम डिज़ाइंस और इन सब
चीजों में ना जब हमेशा ऐसा कुछ नहीं होता
कि कुछ खतरनाक हो जाता है। एक छोटा सा
ब्रेक थ्रू ही होता है यूजुअली। तो वहां
पे आप देखोगे बड़ा इंटरेस्टिंग होता है। तो
इन्होंने यही काम करा। तो अब आपको समझ में
आएगा यह था ट्रेडिशनल आर्किटेक्चर।
इन्होंने बनाया डिस्ट्रीब्यूटेड
प्रोसेसिंग पावर हाउस। रीइमेजिन द ओपन
सोर्स को रियल टाइम प्रोसेसिंग एट स्केल,
मेंटेन क्वालिटी एफिशिएंसी। तो यही पूरा
जो काम है इन्होंने किया है कि यह जो
डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ़ पावर हाउस है कि
डिकोडिंग के लिए अब हम बड़ी मशीन भी लगा
सकते हैं क्योंकि वीडियो सिर्फ डिकोड हो
रहा है। उसके बाद अपने-अपने एनकोडर में जा
रहा है। तो वेरी नाइस एंड इंटरेस्टिंग
थिंग। अब इन्होंने और क्या करा है कि
इन्होंने इंजेशन और प्रीवैलिडेशन भी लगाए
जो कि 1 बिलियन वीडियोस को स्कैन करती है।
अब इंटरेस्टिंग बात यह है कि स्कैन करने
के लिए ना वीडियो को डिकोड करना या
फ्रेम्स या कुछ ना कुछ डिटेक्शन एल्गोरिदम
तो चाहिए ही चाहिए। वहां पे भी यह
पाइपलाइन एज़ इट इज़ यूज़ हो सकती है। दैट्स
वेरी इंटरेस्टिंग। क्योंकि आपने डिकोड करा
है। मे बी उसी टाइम पे आप कुछ फ्रेम पे तो
यह यहां पे पहुंचने से पहले ही अगर यहां
डिकोडर पे स्कैन भी हो जाए। यू सेव अ लॉट
ऑफ़ थिंग। क्योंकि वीडियो जो करप्ट है उनको
प्रोसेस ही नहीं करना है। जो वीडियोस के
अंदर वैसे तो मुझे लगता नहीं Facebook,
Instagram कुछ भी रोकते हैं सच कुछ होता
है क्योंकि वहां तो कुछ भी चल रहा है बट
जो रोकना चाहते हैं मे बी थोड़ा बहुत तो
वो रोक सकते हैं यहां पे। उसके अलावा एक
और आपको यहां पे डायग्राम दिखेगा। दिस इज
वै नाइस। तो इनेबलिंग रियल टाइम क्वालिटी
मैट्रिक्स व्हाइल ट्रांसपोर्टिंग फॉर लाइव
स्ट्रीम। तो इन्होंने ये का ये सेम इंफ्रा
देखो दो टाइप के वीडियोस होते हैं। एक
वीओडी एक लाइव स्ट्रीम। वीओडी है वीडियो
ऑन डिमांड और लाइव स्ट्रीम्स हैं जो
स्ट्रीम आप देखते रहते हो YouTube वगैरह
पे वो सब तो इन्होंने क्या करा कि यहां पे
वापस से इनपुट जो वीडियो है वो बिट
स्ट्रीम्स में आता है यहां पे इन्होंने
वापस से सेम डिकोडर यूज़ करा और यहां पे
अनस्केल्ड फ्रेम है। तो ये जो इनका एम
स्केलर है ना यह भी बड़ा इंटरेस्टिंग है।
ये रेफरेंस फ्रेम वगैरह से करता है। तो
देखो आपको यहां पे दिखाई देगा। तो
इंटरेस्टिंग चीज़ मेरे को जो और लगी इसके
बाद में अ यस दिस इज़ द वन जो आपको देखनी
चाहिए।
यहां पर इन्होंने कहा एफएफ एम पैक कैन
कंप्यूट वेरियस विजुअल क्वालिटी मैट्रिक्स
सच एज पीएसएआर एसएसआर यह तो सब मैं भी पढ़
रहा हूं और ज्यादा क्योंकि बड़े
इंटरेस्टिंग मैट्रिक्स हैं। मैंने एज सच
कोई पर्सनली फर्स्ट हैंड इन मैट्रिससेस को
इतना ज्यादा नहीं देखा तो दैट्स व्हाई आई
एम स्टिल लर्निंग। तो जब मुझे पता लग
जाएंगे तो पक्का मैं वीडियो इस पे बनाऊंगा
ही बनाऊंगा। इसके बाद जस्ट वीडियो के बाद
मैं इसी पे जाने वाला हूं। इसीलिए
इंजीनियरिंग ब्लॉग्स पढ़ते हैं सब लोग कि
नए टर्म्स मिल जाते हैं। उन नए टर्म्स को
आप देखते हो, खोजते हो, मजा आता है। दैट्स
द होल थिंग।
तो इन्होंने कहा कि दिस इज ओके फॉर ऑफलाइन
और वीडियो वर्ड यूज़ केस। ये सब जगह यही
टर्मिनोलॉजी इसीलिए कहते हैं सिस्टम
डिजाइन जब आप पढ़ते हो इन टर्मिनोलॉजी से
फेमिलियर हो जाते हैं। जैसे मैंने बहुत
पहले पढ़ लिया था वी ओ डी वीडियो ऑन डिमांड
होता है। हम यूज़ भी करते हैं। बट ऐसे नए
टर्म्स आते हैं। अह बट नॉट फॉर लाइव
स्ट्रीमिंग वेयर वी माइट वांट टू कंप्यूट
क्वालिटी मैट्रिक्स इन रियल टाइम। टू डू
दिस वी नीड टू इंसर्ट अ वीडियो डिकोडर
आफ्टर ईच वीडियो एनकोडर यूज्ड बाय ईच
आउटपुट लेन। अब इंटरेस्टिंग बात है कि
इन्होंने यह जो वीडियो एनकोडर है सॉरी
वीडियो डिकोडर है यह हर एक एनकोडर के बाद
क्यों रखा यहां पर जैसे अगर आप देखोगे
इसको वापस से तो यहां पे एम एनकोडर्स हैं
और ये एम डिकोडर्स वापस आते हैं। इसको मैं
थोड़ा सा और अभी आपको बताता हूं क्योंकि
ये आपको डायरेक्टली यहीं समझ में आ जाएगा।
अ तो कहां गए हम? यहां पे थे। आफ्टर ईच
वीडियो एनकोडर टू डू दिस वी नीड टू इंसर्ट
अ वीडियो डिकोडर। आफ्टर ईच वीडियो एनकोडर
यूज्ड बाय ईच आउटपुट लेन। तो आपका जब
वीडियो लाइव स्ट्रीम भी होता है तब भी
आपकी क्वालिटी डिपेंड करती है क्योंकि हर
कोई डिटेक्ट करता है कि आप किस नेटवर्क पे
हो। उस नेटवर्क की स्पीड कितनी है यह सब
डिटेक्ट किया जाता है बिहाइंड द सीन और
उसके बेसिस पे आपको वीडियो स्ट्रीम भी
किया जाता है। वीडियो ऑन डिमांड में भी
होता है बट स्ट्रीम में तो बहुत ज्यादा
इसका ध्यान रखता है। दीज़ प्रोवाइड बिटमैप
फॉर ईच फ्रेम इन द वीडियो आफ्टर कंप्रेशन
हैज़ बीन अपाइड सो दैट वी कैन कंप्रेस
अगेंस्ट द फ्रेम बिफोर कंप्रेशन। यह बड़ी
इंटरेस्टिंग है। इसको दोबारा से अगर आपका
मन करे तो पढ़ना। दिस इज वन ऑफ द वेरी
इंटरेस्टिंग लाइन जो कि लाइव स्ट्रीम के
लिए इंटरेस्टिंग है कि
और हालांकि यह इंफ्रास्ट्रक्चर प्रिपेयर
करना भी अपने आप में एक बहुत बड़ा चैलेंज
है कि अगर इस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर आप
प्रिपेयर कर पा रहे हो। आई थिंक बड़ी
कंपनियों के बस की बात है। बट होपफुली
जल्दी आएगा यह भी। बट हां आई लव्ड दिस कि
bिटमप्स वगैरह सब क्योंकि bिटमप्स को ना
आप किसी भी मशीन लर्निंग एल्गोरिदम या
कहीं पे भी डाल के ना बहुत कुछ डिटेक्ट कर
सकते हो। दैट इज़ द वन ऑफ़ द थिंग। इन द एंड
वी कैन प्रोड्यूस क्वालिटी मैट्रिक्स फॉर
ईच अनकोडेड लेन इन रियल टाइम यूजिंग सिंगल
एफएफएम बैक कमांड। राइट? तो ये तो है ही।
अब इंटरेस्टिंग चीज़ आपको मैं बताता हूं कि
कैसे Facebook हेल्प या Facebook ने हेल्प
करा कम्युनिटी का। तो थैंक्स टू इन लूप ये
हो गया। तो थिंग्स लाइक रियल टाइम
क्वालिटी मैट्रिक्स। ओके। ओके। यह तो ठीक
है।
हां, यह रहा आवर कंटिन्यूड कमिटमेंट टू
एफएफएम पैग विद मोर एफिशिएंट मल्टीलेन
एनकोडिंग एंड रियल टाइम क्वालिटी
मैट्रिक्स वी आर एबल टू फुल्ली डेप्लिककेट
आवर इंटरनल फर्क फॉर वीडियो एंड डिमांड।
तो क्या हुआ था कि Facebook ने क्या करा
कि एफएफएम पे क्योंकि ओपन सोर्स है और
इन्होंने एज़ इट इज़ नहीं लिया। उसको फर्क
किया। उसके बाद खुद की इंजीनियरिंग टीम
लगा के और यह जो जो इसके प्रोसेसिंग में
इशूज़ थे जैसे पैरेलल प्रोसेसिंग नहीं हो
रही। इनको बहुत सारे वीडियो ऑन डिमांड,
लाइव स्ट्रीमिंग पाइपलाइन ये सब इनको
चाहिए था। तो इन्होंने खुद का पाइपलाइन
पूरा बिल्ड कर लिया। अब हालांकि टेक्निकली
तो अगर आपने बिल्ड करा है, इतना बड़ा कुछ
है तो प्रोबब्ली यू कुड हैव सबमिटेड बैक
टू द ओपन सोर्स। अ बट यूजुअली कंपनियां
इतना भी ओपन सोर्स नहीं करती है। कुछ
चीजें अपनी प्रोपराइटरी रखती है बिकॉज़
दैट्स द स्केलिंग और स्केलिंग इज़ वन ऑफ़ द
प्रोपराइटरी थिंग। ओके? एंड थैंक्स टू द
स्टैंडर्ड स्टैंडर्डाइज़्ड हार्डवेयर
एपीआईज़ इन एफएफ एमग। वी वर एबल टू सपोर्ट
आवर एमएसवीपी एएसआईसी अलोंग साइड
सॉफ्टवेयर बेस्ड पाइपलाइन विद मिनि
फ्रिक्शन। इन सबको छोड़ो। इन सब में आप मत
जाओ। अभी आप यह देखो सिर्फ एफएफ एमक हैज़
विदस्टुड द टेस्ट ऑफ़ टाइम 25 इयर्स ऑफ़
एक्टिव डेवलपमेंट बहुत बड़ा होता है। बट
इन्होंने क्या करा है? अ डेवलपमेंट दैट
इंप्रूव द रिसोर्स यूटिलाइज़ेशन ऐड सपोर्ट।
अब जो नया वाला कोडक है एफएफक का जो नए
वर्जनंस है उसके अंदर यह सब कुछ
डायरेक्टली अवेलेबल है। तो अगर कोई खुद का
इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना चाहे डेफिनेटली और
मिलेगा। बट ये जो पेपर्स होते हैं ये आपको
सिर्फ एक थॉट प्रोसेस देते हैं कि अच्छा
ऐसा भी कुछ है। तो अभी जो नए वाले एफएफ एम
पैग है आई थिंक इन्होंने नए वर्जन के बारे
में भी कहीं तो लिखा है। मैं देखता हूं एक
सेकंड। हां जी। यह रही वो लाइन अ जहां पे
इन्होंने कहा है कि डायग्राम के जस्ट ऊपर
है। बाय द वे। थैंक्स टू द कंट्रीब्यूशन
फ्रॉम एफएफ एम पैक डेवलपर्स इंक्लूडिंग
दोज़ एट एफएफ लैब्स एंड वीडियो वीएलसी जो
आपने देखा है मोर एफिशिएंट थ्रेडिंग वाज़
इंप्लीमेंटेड स्टार्टिंग विद एफएफएम पैक
सिक्स वर्जन अभी बाय द वे एट वर्जन पे है
हम अगर इंजन केस जिन्होंने एफएफएम पैग
नहीं देखा है प्लीज देख जरूर लेना कि कहां
पे अभी हम चल रहे हैं तो आप देखोगे तो आई
थिंक अभी तो हम एफएफएम पैक के वर्जन एट पे
हैं जो कि इनक्रेडिबली फास्ट है। तो वह जो
फास्ट हुआ कहीं ना कहीं यह क्रेडिट भी ले
रहे हैं उस बात का बट ठीक है इट्स ओके तो
यहां पे देखो क्या है कि एफएफक के अंदर जो
था यह मल्टी थ्रेडिंग एफिशिएंसी या मोर
थ्रेड्स हम यूज़ कर पाए प्रोसेसिंग के
दौरान इसका इंप्लीमेंटेशन स्टार्ट हुआ
एफएफ एमmक सिक्स पे विथ द फिनिशिंग टचेस
लैंडिंग इन एट वर्जन के अंदर दिस वाज़ यह
इंटरेस्टिंग है। दिस वाज़ डायरेक्टली
इन्फ्लुएंस्ड बाय द डिज़ाइन ऑफ़ आवर इंटरनल
फोर्क एंड वाज़ वन ऑफ़ द मेन फीचर वी हैड
रिलाइड ऑन इट टू प्रोवाइड। अब इंटरेस्टिंग
बात यह है मुझे नहीं समझ आया कि इनके
वर्जन ने कैसे उनको इन्फ्लुएंस किया। मे
बी उनकी टीम डायरेक्टली कांटेक्ट में थी,
टच में थी। व्हाटएवर इज़ द केस। दिस
डेवलपमेंट लेड टू द मोस्ट कॉम्प्लेक्स
रिफैक्टिंग ऑफ़ एफएफएम पैग इन डेकेड्स एंड
दिस हैज़ इनेबल्ड मोर एफिशिएंट एंड कोडिंग
फॉर ऑल द एफएफएम पैग यूज़र। अब इंटरेस्टिंग
बात क्या है? इंटरेस्टिंग बात यह है कि
अगर आपको इससे थोड़ा भी आईडिया लग गया कि
ठीक है नाउ वीडियो पाइपलाइन इवन लाइव
स्ट्रीमिंग उनके अंदर आपके पास अब इतना
हैवी इंफ्रा इतनी बड़ी मशीनंस लगाने की
जरूरत नहीं है क्योंकि अब मल्टी थ्रेड
मल्टी प्रोसेसर्स को हम ज्यादा एफिशिएंटली
यूज़ कर पाते हैं। बट अब आपको अगर और इसके
बारे में जानना है तो अब हमें जंप करना
पड़ेगा एफएफ पैक पे। तो आप जाकर देखोगे तो
यह न्यू मेजर जो रिलीज है इनका थोड़ा और
ज़ूम करते हैं। इसमें है अवेलेबल टू
डाउनलोड है। इसमें आपको नेटिव एनकोडर्स जो
नए प्रोसेस RS Apple वगैरह के वो सब तो आए
हैं। और उसके अलावा दिस न्यू क्लास ऑफ़
डिकोडर एनकोडर बेस्ड ऑन प्योर व्कन
कंप्यूट इंप्लीमेंटेशन। यही शायद वो है।
व्कन कंप्यूट इंप्लीमेंटेशन जब मैंने पहली
बार पढ़ा मुझे नहीं समझ में आया कि ये क्या
नाम है कहां से है। तो आई थिंक दिस इज़
व्हाट दे आर रेफरिंग टू द होल
इंफ्रास्ट्रक्चर। तो वहां से इसकी शुरुआत
हुई। व्कन इज़ अ क्रॉस प्लेटफार्म ओपन
स्टैंडर्ड सेट्स ऑफ़ एपीआई दैट अलाउ
प्रोग्राम्स टू यूज़ जीपीयू हार्डवेयर्स इन
वेरियस वेज़। तो ज्यादा देखो [हंसी] एआई तो
जीpu यूज़ कर ही रहा था। वीडियो प्रोसेसिंग
में हम और ज्यादा कर पा रहे हैं। फ्रॉम
ड्राइंग स्क्रीन्स टू कैलकुलेशन टू
डिकोडिंग वीडियो व्हाई कस्टम हार्डवेयर
एक्सेलेटर। ये जो कस्टम हार्डवेयर
एक्सेलेटर है ना ये आपको Apple के अंदर भी
मिलता है। इसलिए Apple के अंदर थोड़ा सा
एफएफएम पैक जब आप चलाते हो तो थोड़ा
कंपेरेटिवली फास्ट मिलता है। बट बहुत सारे
अ क्लाउड प्रोवाइडर्स आपको कस्टम
हार्डवेयर एक्सेलरेटर देते हैं। यही वो है
एक्चुअली में जो इसको प्रोवाइड करता है।
रादर देन यूजिंग कस्टम हार्डवेयर एक्सेलर
प्रेजेंट दीज़ डिकोडर्स आर बेस्ड ऑन
कंप्यूट शेडर्स वर्क ऑन इंप्लीमेंटेशन।
डिकोडर्स यूज़ द सेम ये सारे तो अब देखो
बहुत ज्यादा मेरे भी ऊपर से जा रहे हैं। अ
बट इसमें आप और भी देखोगे ना तो यही सब
इंप्लीमेंटेशन आपको दिखेगा। तो उसके बाद
जब मैंने ये थोड़ा सा पढ़ा ना तब मुझे समझ
में आया यहां पे जैसे ओनली कोडक्स
स्पेसिफिकली डिज़ फॉर पैरेलल डिकोडिंग कैन
बी इंप्लीमेंटेड इन सच ए वे विद मोर मेन
स्ट्रीम कोडक्स आर बीइंग प्लान। ऐसा नहीं
है कि सारे ही एनकोडर्स डिकोडर्स इन सभी
को सपोर्ट करते हैं। MP34 वैसे भी बहुत
रोबस्ट है। आई थिंक वहां पे होगा। बट नेवर
टेस्टेड इट। अब टेस्टिंग स्टार्ट होगी।
देखते हैं क्या होता है, कैसे होता है। बट
हां, अब मुझे थोड़ा-थोड़ा क्लिक होने लगा।
पूरा तो मुझे भी नहीं हुआ अभी एकदम से। बट
थोड़ा-थोड़ा क्लिक होने लगा कि अच्छा यहां
से अब हम तार जोड़ सकते हैं। और ऐसे जो
आर्टिकल्स होते हैं ना यह होते थोड़े
शॉर्ट हैं। इन पे एक चीज और बता दूं मैं
आपको शायद बाकी लोग यूजली नहीं करते।
देखिए ये जो आर्टिकल्स होते हैं ना ये
आपको हमेशा एक नया थॉट प्रोसेस देते हैं।
क्या आप इस आर्टिकल को एक बार में 100%
समझ सकते हो? नहीं कोई नहीं समझता। दो-तीन
बार इनको पढ़ना पड़ता है। नोट्स बनाने
पड़ते हैं। फिर आप डायग्राम बनाते हो। दिस
वाज़ जस्ट रॉ वर्जन वन। तो मैं देख रहा था
तो मैंने सोचा साथ में बना देते हैं।
यूजुअली इनको जो भी पढ़ते हैं दो-तीन बार
पढ़ना ही पड़ता है। इनमें बहुत सारी
टर्म्स होती है। फिर आप उन टर्म्स को
पढ़ते हो, रिसर्च करते हो थोड़ा सा फिर और
दोबारा से आकर पढ़ते हो तब समझ में आता
है। और सबसे इंटरेस्टिंग चीज कई बारी
आर्टिकल्स मार्केटिंग फ्रेंडली भी बनाए
जाते हैं। क्योंकि सबको पता है डेवलपर्स
ये पढ़ रहे हैं। तो मार्केटिंग भी होती है
हर कंपनी के हर आस्पेक्ट में कि हां ठीक
है वहां इंजीनियरिंग इकोसिस्टम ऐसा है।
हायरिंग में आसान होता है। थोड़ा सा
स्टॉक्स वगैरह सब जगह फर्क पड़ता है। तो
ऐसा नहीं है कि ये आपको पूरा एज इट इज कोड
दे देंगे, इंप्लीमेंटेशन आर्किटेक्चर दे
देंगे। वो आपको एक थॉट देते हैं कि ऐसा भी
किया जा सकता है। इफ यू आर कैपेबल इनफ गो
अहेड एंड डू इट नाउ। तो यह भी होता है। तो
हमेशा ग्रेन ऑफ साल्ट के साथ लें। हर एक
आर्टिकल को नो डाउट उसमें नए थॉट प्रोसेस
होते हैं। नया सीखने को मिलता है। बट विद
ग्रेन ऑफ़ साल्ट एवरीथिंग स्टैंड्स विद द
मार्केटिंग पर्सपेक्टिव। बिज़नेस तो है ही
ना। ऑब्वियस सी बात है। और उसमें गलत क्या
है? होना भी चाहिए। तो आई थिंक एक छोटा सा
रॉ वीडियो आपको अच्छा लगा होगा। जहां हमने
थोड़ा डिकोड किया। यहां पे काफी चीजें मेरे
लिए भी नहीं है। मैं जाके अब पढूंगा। ऐसे
ही आप भी पढ़ लेना। बस ऐसे आते रहो चाय कोड
पे। चाय पे चर्चा करते रहेंगे। साथ में
पढ़ते रहेंगे। कमेंट्स आप ड्रॉप कर ही
जाओगे। सब्सक्राइब तो कर ही दिया होगा।
मिलते हैं अगले वीडियो के अंदर।
