[00:00] कि सिंगाबुर में सोसाइटी के पास में कार्ड नहीं देख रहा हूं अब यहां पर जैसे आप दिखाता हूं यह दिखो मैं यहां पर मैं अब इस अपार्टमेंट के पार्ट लगे हैं यह कोई कार्ड है ही नहीं और यह सब्सक्राइब लेकिन [00:16] किसी पर मुझे गार्ड नहीं दिखा बड़े-बड़े बंगलोस दिखे मुझे लेकिन उनके बाहर भी गार्ड नहीं दिखा तो इसका दो रीजन हम समझ में आया पहली चीज तो यहां पर जो जितने गेट है इस अपने टॉनिकली मैनेस्ट गाड़ी आएगी अपने [00:28] खुलेगा अपने आप यह बंद हो जाएगा दूसरी जो बहुत बड़ी वजह है कि यहां पर क्राइम नहीं है जैसा मैंने मेटरो में दिखाया था सिर्फ मेटरो में चलकर आप कुछ खाने-पीने की चीज अगर खा लेते हो या पी लेते हो तो [00:41] 40,000 रुपए का फाइन है सिर्फ कोल रिंग भी मेटरों पीरी या तो 40,000 रुपए का फाइन है तो सोच कर देखो इतनी छोटे सी चीज पर इतना बड़ा फाइन है तो घर में गुश के कोई चोरी चकारी कर ले इतना बड़ा यह लोग पेनल्टी देते [01:21] पर नहीं होगा इसलिए हमारे रिपीट क्राइम से बार-बार का इमुत है और यहां ना के बराबर क्राइम है तो मेरा मानना है कि हमारे देश में ना छोटी-छोटी चीजों की सजा बड़ी होनी चाहिए आइस में अपोजिशन उठ करके आएगा [01:33] लेखिए इतना कैसे कर सकते हो लेकिन होना चाहिए भाग्या कोई सड़क पर हेलमेट ना पहनेद मैं कहता हूं एक लाख रुपए का फाइन लगाओ रेप मड़ा इसके लिए ऐसी सजा होनी चाहिए कि पूरी दुनिया के रूप का बच जाए यहां मडर और रेप ऐसी सजा होती है, सड़क पर कोई चोरी चकारी कर ले, किसी घर में कोई ढकाइती कर ले, तो भाईया गलाई काट दो, मतलब बीस तीस करोल का फाइन लगा दो, कि साथ जनम उसका बीद जाए, फाइन चुकाते चुकाते ऐसी सजा अगर रख दो, फिर द [02:14] है अब आप यहां चार गार्ड नहीं रखोगे भाईया पता चले रात बेरात हो गई चोरी अपनों पकड़ते रहो