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title: 'Comedy Skit: The Cold Water Family Feud'
source: 'https://youtube.com/watch?v=q_Mv95biqTs'
video_id: 'q_Mv95biqTs'
date: 2026-09-03
duration_sec: 536
channel: 'Aman Sharma'
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# Comedy Skit: The Cold Water Family Feud

> Source: [Comedy Skit: The Cold Water Family Feud](https://youtube.com/watch?v=q_Mv95biqTs)

## Summary

The video is a comedic skit in Haryanvi/Hindi, depicting a family's chaotic morning centered around the father's insistence on drinking cold water, which leads to a series of humorous arguments and misunderstandings. The transcript captures a slice-of-life scenario with exaggerated characters and dialogues.

### Key Points

- **Morning Chaos** [00:00] — The video opens with a chaotic morning scene where a father is scolding his son about studying and sleeping habits, using humorous insults and comparisons.
- **Cold Water Demand** [01:18] — The father demands cold water, but the family is out of it, leading to a comedic argument about the importance of cold water for health.
- **Ration Shop Closed** [02:44] — The son reveals that the ration shop is closed, causing frustration as they need to buy groceries, and the father jokes about the situation.
- **Humor and Insults** [04:08] — The dialogue escalates with playful insults about the son's appearance and habits, including a joke about the son being dark-skinned and the father's sarcastic remarks.
- **Cigarette Incident** [06:47] — A neighbor informs the father that his son is smoking a cigarette, leading to a heated confrontation and the father threatening to give him cold water as punishment.
- **Family Dispute** [07:55] — The argument intensifies, with the son refusing to comply and the father threatening to call relatives, ending in a comedic standoff.

### Conclusion

The video is a light-hearted comedy skit that uses exaggerated family dynamics and regional humor to entertain, with no educational or informational content.

## Transcript

अरे नाउस्य नाच्छुटे जब मैं तेरी उमर को ना हो चार पाँच देशर को गोवर उठा का साइब दे करो इतने मिनित तक सारी सिमरल
तु कैसी रहेवे न के तेरो प्यारोसो बालक है हीरोसो बालक है ये देख एकदम गधा को बालक है गधा को ना पापा, शूवर को बालक बोलो, एकदम शूवर लगो तुम शूवर हाँ शूवर बो
है, तुम शूवर से कह रहो मुझे तुम देख ले सिम्रिल, कितनों बिगड़ को आयू आख बंद करके पढ़ोगा, नौ बज़ रहे तुम बैके रहा है, तो दिमाग खराब करके छेब दो
चपड़ चपड़ मूच रारे तुमारा मूझ न दूख है रही तो बज़रे सुग़े के सहर के बालकन को जाकर देखो, बारे बारे बज़े माद सोने है उसके बाद भी उनके माबाब के में बेटा सोजा, सोना बहुत जरूरी है
अरे कहा मारा, बाप है, सूवर सो दिल्कुल ना सोने दे दे जेजे सिम्रिन, पड़ो पड़ो तो बाई चला रहो है ना उठो ना उठो मा मिजा
ना मामलो रहे सिम्रिन, आज थंडे पाड़ी से निल लियो या आपको
पातन को दिमाग पर ले लो पिछले देड़ घंटा तो उस तो पड़ा हूं मैं बताओ कहां काम करना हो बस तंगे पाने से मत नहीं हो यार ठीक है ज़रा मासूब नामने है तो तु गदाई है पापा एकदम सही बोला हो तुमने वह कलूआ की बहुत कहरी एकदम बाप पर ग
एलो पैसा, वो मार्केट में जाकर राशन ली जो अच्छे ठीक हो, मम्मी, एक लोटा गरम पानी करके रखियो, राशन देखे आरू मैं पड़ भी हो गरम पानी, सबर सबर गरम पानी पीनो, सेट के लिए सही हो वे
अरे टिंग होना पाता वो थंड पढ़ रही ना तो सुबह सुबह तक्टी का थंडे पानी से दोहीने जा गया गया या मारे गरम पानी से
असली हानिंद तो ये ले दूप का दूप चेक के हम भी चेकेंगे तुम्हारे साथ दूप खैट रहे साइड में खट और बता भाई का आले ठीक है और ठीक है
बड़ा भारी है चलो पुरा बड़े निकमने हो रे बालन देखला समरन आओ ना अभी तक ना अपितो
आज या को थंडे पानी ते नहीं यो आज या को थंडे पानी ते नहीं यो राशन कहा है हो जो मेरी हालत खराब हो रही वापी मत पूछियो राशन की पहले ही पूछ लेओ कहीं न मर रहो तू जिया बता राशन कहा है
पापा वो राशन के दुकान बंद आज काई को बंद आज पापा वो जे राशन वाली भावी ना आयी कौनसी भावी अरे जिसपे तुम लाइन मारा कर राई खोश लो बोल जी लो बोल जी लो तेरी माँसुन लेगी ना कपिट सरे न चोड़ तो सुकाजीगी
तेरी मुद्धी लो वाके पती नवा को थंडे पानी से निला दियो फिर कहा हुआ हो नो कहा हुँ गुस्पा में आजा फांसी लगा ली वाने ओ हो जे कलीनो पापा
तुम भी क्यों हो मोसो थंडे पानी का नाँने की अब मैं भी लगा लूँगा पांसी मीटो उठवा दोगो बेड़ा उस दिन कली मुहला में शकल बत मना वे
जा पैक्टी करिया पाद मार रहा हुआ ना बाच के तो इज्जती ना है घर में वाई साथ देखला भी चकनाओ ना अस्पिटो
ठंडे पानी तेरे नहीं रहा हूँ पापा कहा आसच का थच की है तुमने हमेशा ठंडे पानी की धंकी देते रहे हो दोके भी ना आयो इतनी जल्दी आना पड़ा हो लोकू
जवाइन चला रोए जवाइन चला रोए आपको ना जाओ बाहरी बेटों दोस्तन के पास
राज तो आवशिला रखी हो रो कालू भी बेटो रहा थुद तो दिखरो दिनि में रहा थंडे ना बड़ो जिलम काट रखो बाई अरे कितने दिन सा ना नहा रहे तू
आद दिन से और तू आद दिन से तो रहता ही बदूआरी भी के और तू कितने दिन से नाया मैं तो नाता रहूं डेली थंडे पानी से नाओं
हलके में रह रहे हो अरे वो खालू ना दिख रहा हूँ वो जगी बउबागी काई आगो लिए आगो आगो अगो लिए आगो आजा काड़ू आजा बैठ बैठ बैठ तेरी कसम काड़ू
दस काले कुट्टे मरे होंगे जब पैदा हुआ होगा तू तू भाई ऐसा क्यों बोर रहा है तबी तो इतना कालो है वो कालो तबो ना हो रहे वो भी तिरता गोरो हो रहे
दूब के मर जा कहीं बेबत कर भाई कितनी बेजती मारेगा बेज़जटी तो बेटा बेज़जटी उसकी हो गए जिसकी कोई इज़ज़त हो तेरी कोई इज़ज़त है काई लु मार्केट में तेरी बहु तो तोकु छोड़के बाग गई कैसे भाग गई
टाब को सकते हैं, वहाल सपार फाल नहीं है उपासन, खूदा रारा, गणि भारु के मौकर। मरी रहा करे। हाटो, मौकर, हाटो
गाय है? सब के बारोष। जग्यानीन उन्हें ये चता भकता कोन नहीं है मंगन सकते हैं, भावना में
मंने चौड़ा बड़े बदकमीजे, चलो चलो अराँ तुम कहा जा रहे हैं? चलो खुब कालो
उंडी लगा लो संयाँ
तर चाहिए काला होना इसलिए हो वो तो है हाँ अंकल तुम्हारा लड़का सिगरेट पी रहा है जल्दी आजाओ लुककड पे
पर पेश देखने से विरण तेरा सुना सिगरेट दे रहा है आज आप थंडे पानी के साथ देनी पड़ेगी अरे कहां दे रहा है सिगरेट अंकल वो पी रहा है सिगरेट
लोगों दो लोगों तो यहां के पास में डॉप्पर और एंकल अभी तो फैच थी अब जुड़ी तथा और आज तापने भूदी हो जाये
चिगरट पी रहो, किछे बोली था चिगरट सी रहो हुँ मैं? चिगरट पी रहो तो? कहां पी रहो? कहां पी रहो! मां भाफा, वो जमान हो गई हो जब एक बिटा अपने बापी हाता उठावे करो
आज,ड़शन में... बेटा, झर्ग तो چल लो चंधब in my ear हैं आज कायाजी बुला ला। काई के बाब को बुला ला। काईनेथा,
कलुआ के बाउको गो बुला ला। नहीं नाहूंगा तो नुनाहूंगा नहीं नाहूंगा नुनाहूंगा आ दो आ फ्रिनदाभी नहीं नाहूंगा भाई साथ हमारो बाब बड़ो जुल गिये
निलाय बिना न मानेगो बड़ो कंड़ो पानी है गधास हो हमारो बाब बोट कुछ सावरी
झाल
