Title, Description, Tags: The Truth
45sDebunks common SEO myths and promises to reveal the real strategy, sparking curiosity.
▶ Play ClipThis video clarifies the role of titles, descriptions, and tags on YouTube in 2026. It debunks myths about SEO and provides practical strategies for optimizing these elements to increase views.
Many creators believe proper SEO guarantees viral videos, but some get no views despite keywords, while others get millions without special tags.
Viewers never click without reading the title, even if the thumbnail grabs attention. Clarity is the primary goal.
YouTube cuts off titles after about 60 characters. Important words should be placed at the start.
Using urgency, authority, curiosity, and emotional power words makes titles more attention-grabbing and clickable.
Title and thumbnail must work together to create a story and evoke emotion, boosting overall packaging effectiveness.
YouTube explicitly states that descriptions with keywords help discovery. Place main and related keywords at the beginning.
Social media handles and business email can be set as default description in YouTube Studio settings.
Tags were crucial when YouTube was new, but now the algorithm uses automatic speech recognition and AI to understand content.
Even if tags help only 1%, it's worth using them. Copy keywords from description or use tools like RapidTags.
Title affects CTR most. Write for viewers, not algorithm. Use description for keywords. SEO works only if content and packaging are strong.
Titles are the most critical for CTR, descriptions are for SEO, and tags have minimal impact. Focus on clear, attention-grabbing titles and keyword-rich descriptions, but remember that strong content and packaging are essential for success.
"Title accurately promises a guide on writing perfect titles, descriptions, and tags for more views, and the video delivers exactly that."
What is the recommended maximum character length for a YouTube title?
Under 60 characters.
01:04
Name the four categories of power words mentioned.
Urgency, authority, curiosity, emotional.
02:36
What is the primary purpose of the video description according to YouTube?
To help viewers find your videos more easily through search by using keywords.
04:30
Why are tags less important now than in YouTube's early days?
Because the algorithm now uses automatic speech recognition and AI to understand video content.
07:00
What does CTR stand for and what does it affect?
Click-through rate; it is directly affected by the title.
08:40
What is the 'default description' feature in YouTube Studio used for?
To set social media handles and business email that automatically appear in every video description.
06:27
What is the 'Ask YouTube' feature announced at Google I/O?
An AI-powered search feature that answers complex queries and points to the exact moment in a video.
07:37
Title is first impression
Emphasizes that viewers always read the title before clicking, making clarity the top priority.
00:34Power words boost clickability
Introduces a practical technique to make titles more engaging using specific word categories.
01:51Title-thumbnail harmony
Highlights the need for title and thumbnail to work together to create a compelling story.
03:15Tags are nearly irrelevant
Reveals that tags have minimal impact due to advanced algorithm capabilities, debunking a common myth.
06:42SEO is not a magic trick
Stresses that SEO only works when content and packaging are strong, setting realistic expectations.
08:38[00:00] टाइटल, डिस्क्रिप्शन और टैग्स। इन तीन
[00:02] चीजों के बारे में YouTube पे बहुत ज्यादा
[00:04] मिस इनफेशन है। लोग बोलते हैं कि अगर आप
[00:06] बस सही से एसइओ कर लोगे तो आपकी हर वीडियो
[00:08] वायरल हो जाएगी। सच्चाई यह है कि कुछ
[00:10] क्रिएटर्स को कीवर्ड्स भर के भी व्यूज
[00:12] नहीं आते हैं। और वहीं दूसरी तरफ ऐसे
[00:14] वीडियोस हैं जिनमें बिना किसी स्पेशल
[00:16] कीवर्ड्स या टैग्स के भी करोड़ों में
[00:18] व्यूज हैं। तो फिर क्वेश्चन है कि क्या
[00:20] 2026 में टाइटल, डिस्क्रिप्शन एंड टैग्स
[00:22] मैटर करते भी हैं या नहीं? और अगर करते
[00:24] हैं तो इन्हें लिखने का सही तरीका क्या है
[00:26] जिससे आप अपने व्यूज इनक्रीस कर सकते हो?
[00:28] वेल आज के वीडियो में हम ये सब कुछ डिटेल
[00:30] में डिस्कस करेंगे। सो फर्स्ट लेट्स
[00:32] स्टार्ट बाय टॉकिंग अबाउट टाइटल्स। देखो
[00:34] आपका टाइटल और थंबनेल आपके वीडियो का
[00:36] फर्स्ट इंप्रेशन होता है। अगर थंबनेल
[00:38] व्यूअर का अटेंशन ग्रैब कर भी ले तो भी
[00:40] व्यूअर बिना टाइटल पढ़े वीडियो पे क्लिक
[00:42] कभी नहीं करता। एंड दैट्स व्हाई आपके
[00:44] टाइटल का सबसे पहला गोल होना चाहिए
[00:46] क्लेरिटी। यानी उसे पढ़ते ही एक सेकंड में
[00:48] समझ आ जाए कि वीडियो का टॉपिक क्या है।
[00:50] बिगिनर्स को लगता है कि YouTube ने हमें
[00:52] 100 कररेक्टर्स का लिमिट दिया है। तो वो
[00:53] अननेसेसरी कीवर्ड्स डाल के अपना टाइटल
[00:56] बहुत लंबा कर देते हैं विदाउट रियलाइजिंग
[00:58] कि एक एवरेज YouTube टाइटल अराउंड 60
[01:00] कररेक्टर्स के बाद एंड से कट होने लगता
[01:02] है। एंड दैट्स व्हाई बेस्ट प्रैक्टिस ये
[01:04] है कि आप टाइटल्स को अंडर 60 कररेक्टर्स
[01:06] रखो ताकि फर्स्ट क्लास में ही वीडियो का
[01:08] टॉपिक समझ आ जाए। अगर टाइटल 60 कररेक्टर्स
[01:10] से लंबा हो रहा है तो ट्राई करो कि जो
[01:11] इंपॉर्टेंट वर्ड्स हैं उनको एटलीस्ट
[01:13] स्टार्टिंग में रखो। फॉर एग्जांपल मेरे इस
[01:15] वीडियो का टाइटल 65 कैरेक्टर्स का है। एंड
[01:17] यू कैन सी कि यह एंड से कट हो जा रहा है।
[01:19] बट स्टिल जो सबसेेंट फ्रेज़ है एटीजी
[01:22] फेसलेस चैनल आइडियाज फॉर 2026 उसको मैंने
[01:25] स्टार्टिंग में रखा है ताकि एटलीस्ट टाइटल
[01:27] का कोर मैसेज क्लियरली समझ आ जाए। शॉर्ट
[01:29] टाइटल्स लिखने का एक और रीज़न यह भी है कि
[01:31] YouTube पे आपका वीडियो अकेला नहीं है।
[01:33] हजारों और वीडियोस हैं जो आपके वीडियो के
[01:35] साथ कमपीट कर रहे हैं व्यूअर का अटेंशन
[01:37] पाने के लिए। एंड वी ऑल नो कि एक एवरेज
[01:39] ह्यूमन का अटेंशन स्पैन कितना कम हो चुका
[01:41] है। दिस मींस कि अगर आपके टाइटल को
[01:43] प्रोसेस करने में व्यूअर को बहुत टाइम लग
[01:45] रहा है तो व्यूअर के आइज इंस्टेंटली किसी
[01:47] ऐसे टाइटल की तरफ चले जाएंगे जिसे प्रोसेस
[01:49] करना इज़ियर है। फॉर एग्जांपल लुक एट दीज़
[01:51] टू टाइटल्स। इनमें से कौन से टाइटल ने
[01:53] आपका अटेंशन जल्दी गैब किया। फॉर मोस्ट
[01:55] पीपल द आंसर इज़ सेकंड वन। व्हाई? सिंपली
[01:58] बिकॉज़ इसको पढ़ना आसान है। आपने एक और चीज
[02:00] नोटिस किया होगा कि मेरे टाइटल्स में
[02:02] हमेशा कुछ वर्ड्स ऐसे होते हैं जो ऑल
[02:04] कैप्स यानी कैपिटल लेटर्स में लिखे होते
[02:06] हैं। फॉर एग्जांपल एडिक्टिव, प्रो, वायरल,
[02:09] बेस्ट। तो ये सब पावर वर्ड्स के
[02:11] एग्जांपल्स हैं। यानी ऐसे वर्ड्स जो आपके
[02:13] टाइटल को और भी ज्यादा अटेंशन, गैबिंग,
[02:16] इमोशनल और क्लिकबल बनाता है। फॉर एग्जांपल
[02:18] इन दोनों टाइटल्स को देखो। पहला टाइटल देख
[02:20] के वीडियो का टॉपिक तो समझ आ रहा है बट यह
[02:23] हमें क्लिक करने का कोई स्ट्रांग रीजन
[02:25] नहीं दे रहा है। वहीं दूसरे टाइटल को
[02:26] देखें तो इसमें सिर्फ एक एक्स्ट्रा पावर
[02:28] वर्ड का यूज़ हुआ है जिससे पूरा वीडियो
[02:30] इंस्टेंटली ज्यादा वैलएबल एंड क्लकेबल
[02:33] लगने लगता है। नाउ डिपेंडिंग ऑन कि आपका
[02:35] वीडियो किस टॉपिक पे है। आप इन चार
[02:36] डिफरेंट कैटेगरीज के पावर वर्ड्स का यूज़
[02:38] कर सकते हो। अर्जेंसी पावर वर्ड्स ऑफ
[02:40] कोर्स फीलिंग ऑफ़ अर्जेंसी क्रिएट करते
[02:42] हैं। जैसे डू दिस, नाउ, स्टॉप, वेट, टुडे,
[02:47] अथॉरिटी पावर वर्ड्स जैसे प्रो, एक्सपर्ट,
[02:50] अल्टीमेट, मास्टर क्लास, बेस्ट। इनका यूज़
[02:52] तब करते हैं जब वीडियो को क्रेडिबल और
[02:54] वैल्यूुएबल दिखाना होता है। क्यूरियोसिटी
[02:56] पावर वर्ड्स जैसे सीक्रेट, हिडन, ट्रुथ,
[02:59] एक्सपोज्ड। यह व्यूअर के माइंड में
[03:01] क्यूरियोसिटी एंड यूज़ करते हैं। एंड
[03:03] इमोशनल पावर वर्ड्स लाइक क्रेज़, स्केरी,
[03:05] अनोइंग, होलसम। इनका यूज़ आप तब कर सकते हो
[03:08] जब टाइटल में एक इमोशनल ट्रिगर ऐड करना
[03:10] हो। इफ यू वांट आप इसका स्क्रीनशॉट ले
[03:12] सकते हो। एक और बहुत जरूरी चीज है टाइटल,
[03:15] थंबनेल, हार्मोनी। रिमेंबर कि व्यूअर्स
[03:17] आपके टाइटल को कभी भी अकेले नहीं बल्कि एक
[03:19] थंबनेल के साथ देखते हैं। दिस मींस कि ये
[03:21] दोनों एलिमेंट्स को साथ में मिलकर एक
[03:23] स्टोरी क्रिएट करना चाहिए व्यूअर्स के
[03:24] माइंड में। तभी जाके ओवरऑल पैकेजिंग
[03:26] इफेक्टिव होगी। इसे समझने के लिए आप मेरे
[03:28] इस वीडियो का एग्जांपल ले सकते हो। टाइटल
[03:30] है हाउ टू राइट परफेक्ट टाइटल,
[03:32] डिस्क्रिप्शन, टैग्स फॉर मोर व्यूज। मुझे
[03:34] पता है कि टाइटल डिस्क्रिप्शन एंड टैग्स
[03:35] का नाम सुनते ही मैक्सिमम व्यूअर्स का
[03:37] माइंड एसइओ की तरफ जाता है। सो मैंने
[03:39] थंबनेल टेक्स्ट में लिख दिया है स्टॉप
[03:41] डूइंग एसइओ जो कि एक स्ट्रांग
[03:42] क्यूरियोसिटी क्रिएट करता है। बिकॉज़
[03:44] नॉर्मली व्यूअर्स एक्सपेक्ट करते हैं कि
[03:46] इस तरह की वीडियो एसइओ सिखाएगी। बट थंबनेल
[03:48] में उन्हें एक कंप्लीटली कंट्रास्टिंग
[03:50] स्टेटमेंट दिख रहा है। एक और टाइटल का
[03:52] एग्जांपल लेते हैं। नेवर डू दीज़ थिंग्स ऑन
[03:54] YouTube। इसको पढ़ के यह तो पता चल रहा है
[03:56] कि वीडियो में क्रिएटर हमें ऐसी चीजें
[03:58] बताएगा जो हमें YouTube पे नहीं करना
[04:00] चाहिए। बट स्टिल इसमें कोई इमोशन नहीं है।
[04:02] एंड वी डोंट हैव अ स्ट्रांग इनफ रीज़न टू
[04:04] क्लिक। बट जैसे ही आप इसका थंबनेल और
[04:06] टाइटल एक साथ देखते हो तो इंस्टेंटली आपके
[04:09] माइंड में एक इमोशन ऑफ फियर इंड्यूस करता
[04:11] है। बिकॉज़ कोई भी क्रिएटर YouTube पे बैन
[04:13] नहीं होना चाहता। सो कुछ इस तरह से आप
[04:15] अपने टाइटल एंड थंबनेल के बीच हार्मोनी
[04:17] क्रिएट कर सकते हो। जिससे आपकी ओवरऑल
[04:19] पैकेजिंग 10 टाइम्स स्ट्रांग हो जाएगी एंड
[04:21] यू विल गेट मोर क्लिक्स। आफ्टर राइटिंग
[04:23] आवर टाइटल इट्स टाइम टू राइट द
[04:25] डिस्क्रिप्शन। अगर हम डिस्क्रिप्शन बॉक्स
[04:27] के अंदर इस क्वेश्चन मार्क पे क्लिक करें
[04:28] तो YouTube हमसे क्लियरली कह रहा है
[04:30] राइटिंग डिस्क्रिप्शंस विद कीवर्ड्स कैन
[04:32] हेल्प यूर्स फाइंड योर वीडियोस मोर ईजीली
[04:34] थ्रू सर्च व्हिच मींस कि हमें अपने वीडियो
[04:36] का जो भी एसइओ करना है वो हम यहीं करेंगे।
[04:39] तो इसको प्रैक्टिकली एक्सप्लेन करने के
[04:41] लिए चलो मेरे इसी वीडियो का डिस्क्रिप्शन
[04:42] लिखते हैं जो आप अभी देख रहे हो। YouTube
[04:44] ने कहा है प्लेस कीवर्ड्स इन द बिगिनिंग
[04:46] ऑफ द डिस्क्रिप्शन। तो ऑफ कोर्स सबसे पहले
[04:48] हम अपने वीडियो का टॉपिक लिख देंगे जो कि
[04:50] है हाउ टू राइट टाइटल, डिस्क्रिप्शन एंड
[04:52] टैग्स। यह हो जाएगा हमारा मेन कीवर्ड। अब
[04:54] आपको सोचना है कि और कौन से ऐसे कीवर्ड
[04:56] फ्रेजेस हैं जिनके लिए आप YouTube पे रैंक
[04:59] करना चाहते हो। फॉर एग्जांपल अगर मैं सर्च
[05:01] बार में टाइप करूं टाइटल डिस्क्रिप्शन टैग
[05:03] तो यू कैन सी YouTube मुझे और भी कीवर्ड
[05:05] फ्रेजेस रिकमेंड कर देगा लाइक टाइटल
[05:07] डिस्क्रिप्शन टैग कैसे लिखें, टाइटल
[05:09] डिस्क्रिप्शन टैग कैसे लगाएं। तो
[05:11] ऑब्वियसली मैं चाहता हूं कि जब लोग ये
[05:12] कीवर्ड फ्रेजेस सर्च करें तो उनको मेरी
[05:14] वीडियो सजेस्ट हो। सो मैं इनको भी अपने
[05:16] डिस्क्रिप्शन में ऐड कर दूंगा। अगर मैं इस
[05:18] सर्च टर्म के स्टार्टिंग में एक अंडरस्कोर
[05:20] और स्पेस टाइप करूं तो यू विल सी कि यह और
[05:23] भी कीवर्ड सजेस्ट कर रहा है। तो इनमें से
[05:25] जो भी रेलेवेंट हैं उनको मैं ऐड कर सकता
[05:27] हूं। फिर आई थिंक जिन लोगों को एसइओ के
[05:29] बारे में जानना है वो सर्च करेंगे हाउ टू
[05:31] डू एसइओ। यस हाउ टू डू एसइओ फॉर YouTube
[05:35] वीडियोस। इसको ऐड कर देंगे। अच्छा सिर्फ
[05:37] एसइओ सर्च करते हैं। तो एक कीवर्ड आ रहा
[05:39] है एसइओ फॉर YouTube चैनल। सो, यह भी ऐड
[05:42] कर देते हैं। एंड कुछ इस तरह से आपको अपने
[05:44] मेन कीवर्ड से रिलेटेड पांच छह और कीवर्ड
[05:47] फ्रेजेसेस फाइंड करने हैं। और उनको अपने
[05:48] डिस्क्रिप्शन के स्टार्टिंग में लिख देना
[05:50] है। ऑफ कोर्स दिस इज इनफ बट इफ यू वांट तो
[05:52] आप वीडियो का एक ओवरव्यू भी दे सकते हो
[05:54] जैसा कि YouTube बोलता है। व्हाट आई लाइक
[05:56] टू डू इसके जो भी कीवर्ड्स बच जाते हैं
[05:58] मैं उनके हेल्प से ओवरव्यू लिख देता हूं।
[06:00] सो ऊपर ऊपर से लग रहा है कि मैंने बस
[06:02] नॉर्मली वीडियो को एक्सप्लेन किया है। बट
[06:04] ध्यान से देखोगे तो मैंने इसमें बहुत सारे
[06:05] कीवर्ड्स हाइड कर दिए हैं जो कि सर्च
[06:07] रैंकिंग में हेल्प करते हैं। इसके बाद हम
[06:09] अपने वीडियो में टाइम स्टैंप्स ऐड कर सकते
[06:11] हैं इफ वी वांट। एंड आल्सो अगर कोई
[06:13] इंपॉर्टेंट लिंक है हमारे वीडियो से
[06:14] रिलेटेड तो वो भी डाल देंगे। नाउ अभी तक
[06:17] हमने जो भी लिखा है डिस्क्रिप्शन में वो
[06:19] हर वीडियो के हिसाब से अलग होगा। बट देन
[06:21] कुछ ऐसी चीजें भी होती हैं जो हर वीडियो
[06:23] के डिस्क्रिप्शन में सेम रहती हैं। जैसे
[06:25] सोशल मीडिया हैंडल्स और बिजनेस ईमेल। तो
[06:27] इस पार्ट को डिफॉल्ट डिस्क्रिप्शन बोलते
[06:29] हैं। अगर आप YouTube स्टूडियो के सेटिंग्स
[06:31] में जाके अपलोड डिफॉल्ट सेक्शन पे क्लिक
[06:33] करोगे तो आपको एक डिस्क्रिप्शन बॉक्स
[06:35] मिलेगा। यहां आपको जो भी लिखना है लिख
[06:37] सकते हो। एंड नेक्स्ट टाइम से जब भी आप
[06:38] वीडियो अपलोड करोगे तो उसके डिस्क्रिप्शन
[06:40] बॉक्स में यह सब कुछ ऑलरेडी लिखा रहेगा।
[06:42] फाइनली लेट्स टॉक अबाउट टैग्स। एक ऐसा
[06:45] फीचर जिसके अराउंड YouTube पे बहुत ज्यादा
[06:47] कंफ्यूजन है। देयर आर अ लॉट ऑफ क्रिएटर्स
[06:49] जो आज भी क्लेम करते हैं कि सिर्फ सही
[06:51] टैग्स लगा देने से आपकी वीडियो वायरल हो
[06:54] सकती है। बट आखिर इस बात में कितनी सच्चाई
[06:56] है। देखो टैग्स एक ऐसा फीचर है जो तब से
[06:58] एक्सिस्ट करता है जब YouTube बिल्कुल नया
[07:00] था। उस समय एल्गोरििदम उतना एडवांस नहीं
[07:02] था कि वो वीडियो के कंटेंट को खुद से
[07:04] एनालाइज करके सही ऑडियंस तक पहुंचा पाए।
[07:07] एंड दैट्स व्हाई टैग्स पहले बहुत मैटर
[07:09] करते थे। बिकॉज़ उनके हेल्प से व्यूअर्स
[07:11] आपके वीडियोस को इजीली सर्च करके फाइंड कर
[07:13] सकते थे। बट देन ऑफ कोर्स समय के साथ
[07:15] एल्गोरििदम और एडवांस्ड होता गया। लाइक
[07:17] 2009 में YouTube ने एएसआर यानी ऑटोमेटिक
[07:20] स्पीच रिकॉग्निशन का यूज करना शुरू कर
[07:22] दिया। जिसके हेल्प से एल्गोरिदम आपके
[07:24] वीडियो को सुन के उसके लिए एक वर्ड बाय
[07:26] वर्ड ट्रांसक्रिप्ट जनरेट करता है। दिस
[07:28] मींस कि आपके टैग सेंटर किए बिना भी
[07:30] एल्गोरििदम को पता रहता है कि आपकी वीडियो
[07:32] एग्जैक्टली किस बारे में है और उसको किसको
[07:35] रेकमेंड करना है। इनफैक्ट अभी रिसेंटली जो
[07:37] Google आईo कॉन्फ्रेंस हुआ था उसमें आस्क
[07:39] YouTube नाम का एक न्यू फीचर अनाउंस हुआ
[07:41] है। यह बेसिकली एक ए पावर्ड सर्च फीचर है
[07:44] जिसमें आप और भी कॉम्प्लेक्स क्वेरीज या
[07:46] क्वेश्चंस एंटर कर सकते हो। एंड यह आपको
[07:48] वीडियो का एग्जैक्ट मोमेंट बता देगा जहां
[07:50] पे आपके क्वेश्चन का आंसर है। तो आई थिंक
[07:52] अब आपको समझ आ रहा होगा कि एल्गोरिदम
[07:54] कितना एडवांस हो गया है एंड क्यों टैग्स
[07:56] धीरे-धीरे इररेलेवेंट होते जा रहे हैं।
[07:58] इवन YouTube खुद कहता है कि टैग्स प्ले अ
[08:00] मिनि योर वीडियोस डिस्कवरी। आई नो आप
[08:03] मुझसे पूछोगे कि भाई फिर आप अपने वीडियो
[08:05] में टैग्स क्यों लगाते हो? तो इसका सिंपल
[08:07] सा आंसर यह है कि आई थिंक अगर YouTube ने
[08:09] हमें अपने वीडियोस को ऑप्टिमाइज करने के
[08:11] लिए कोई फीचर दिया है तो हमें उसे खाली
[08:13] नहीं छोड़ना चाहिए। इवन अगर वो हमारे
[08:14] वीडियो के डिस्कवरी में सिर्फ 1% भी हेल्प
[08:17] करता है तो भी व्हाट यू कैन डू इज कि आपने
[08:19] डिस्क्रिप्शन में जो भी कीवर्ड्स डाले हैं
[08:21] आप सिंपली उनको कॉपी करके टैग्स में यूज़
[08:23] कर सकते हो या रैपिड टैग्स जैसे वेबसाइट
[08:25] पे अपना टॉपिक एंटर कर सकते हो एंड ये
[08:27] आपको रेलेवेंट टैग्स सजेस्ट कर देगा।
[08:32] ऑलराइट। आई थिंक अब आपको समझ आ गया होगा
[08:34] कि टाइटल, डिस्क्रिप्शन एंड टैग्स ये
[08:36] तीनों फीचर्स एग्जैक्टली कितने मैटर करते
[08:38] हैं। टाइटल ऑफ कोर्स सबसे ज्यादा मैटर
[08:40] करता है। बिकॉज़ इससे डायरेक्टली सीटीआर
[08:42] इफेक्ट होता है। सो टाइटल को जितना हो सके
[08:44] क्लियर एंड अटेंशन गैबिंग बनाओ। सबसे बड़ी
[08:47] गलती जो क्रिएटर्स करते हैं इसकी वो टाइटल
[08:49] व्यूअर्स के लिए नहीं बल्कि एल्गोरििदम के
[08:51] लिए लिखते हैं और टाइटल में ही वीडियो का
[08:53] एसइओ करने लगते हैं। तो ये गलती मत करना।
[08:55] कीवर्ड्स डालने और एसइओ करने के लिए
[08:57] YouTube ने आपको डिस्क्रिप्शन बॉक्स दिया
[08:58] है। तो प्लीज उसका यूज करो। एंड रिमेंबर
[09:01] कि एसइओ व्यूज लाने का कोई मैजिक ट्रिक
[09:03] नहीं है। बिकॉज़ इतना ही आसान होता तो सभी
[09:05] अपने वीडियोस में प्रॉपर कीवर्ड्स लगा के
[09:07] YouTube पे नंबर वन पे रैंक कर जाते हैं।
[09:09] बट ऐसा होता नहीं है क्योंकि YouTube
[09:11] कीवर्ड्स के अलावा भी बहुत सारेेंट
[09:13] मैट्रिक्स देखता है। लाइक सीटीआर, एवरेज
[09:15] व्यू ड्यूरेशन, लाइक्स, कमेंट्स एंड इन
[09:18] सबके बेसिस पर डिसाइड करता है कि वीडियो
[09:20] को कितना पुश करना है। इन शॉर्ट एसइओ भी
[09:22] आपको तभी हेल्प करेगा जब आपका कंटेंट और
[09:25] पैकेजिंग स्ट्रांग होगा। सो, पैकेजिंग को
[09:27] और स्ट्रांग बनाने के लिए स्क्रीन पे जो
[09:28] वीडियो आ रही है उस पे क्लिक करो। एंड या,
[09:30] मैं आपसे वही मिलूंगा।
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